फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal employee confederation chief vinod kumar targets government

'सरकार ने जनता के नकारे नेता बना दिए बोर्ड, निगम अध्यक्ष'

Thu, 21 Sep 2017 08:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू Updated Thu, 21 Sep 2017 08:50 AM IST
विज्ञापन
Himachal employee confederation chief vinod kumar targets government

हिमाचल प्रदेश कर्मचारी परिसंघ ने प्रदेश कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। आरोप लगाया कि सरकार ने जनता द्वारा नकारे हुए नेताओं को बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को तैनात कर खजाने पर आर्थिक बोझ डाल दिया है।

विज्ञापन


कुल्लू में पत्रकार वार्ता में विनोद ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने चहेतों को सेवानिवृत्ति उपरांत चिटों पर सेवा विस्तार और पुनर्नियुक्ति देकर प्रदेश पर आर्थिक बोझ डाला है।
विज्ञापन


अगर सरकार इसकी जगह बेरोजगारों की नियुक्ति देती तो सूबे के 50 हजार युवाओं को रोजगार मिलता। सरकार पेंशनरों की पेंशन देने में असमर्थ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पर अफसरशाही हावी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कर्मचारियों की सरकार ने अनदेखी की है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एक समान नीति और पेंशन होनी चाहिए। सैद्धांतिक तौर पर कर्मचारियों के लिए पेंशन के फार्मूले अलग-अलग नहीं होने चाहिए।

सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र के तहत कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। इसका खामियाजा सरकार को चुनाव में भुगतना पड़ेगा। उनके साथ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य लक्ष्मी चंद, मीर चंद तथा शीला चंदेल भी शामिल रहे।

विनोद कुमार को सस्पेंड करने के आदेश 
हिमाचल सरकार ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी परिसंघ के नेता विनोद कुमार को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं। प्रधान सचिव बागवानी की ओर से ये आदेश बागवानी निदेशक को भेजे गए हैं।

इसमें सरकार के खिलाफ मीडिया में बयान देने पर विनोद कुमार को निलंबित करने के आदेश दिए गए हैं। 

वहीं, विनोद कुमार ने कहा कि उन्हें पहले भी सस्पेंड किया गया था, क्योंकि उन्होंने भ्रष्टाचार के मामले उठाए थे। उसके बाद उन्हें बहाल कर दिया गया था। 


उन्होंने कुछ वक्त बीते भी भ्रष्टाचार के कुछ मामले उजागर किए थे, उसके बाद उन्हें दोबारा सस्पेंड करने के ये आदेश निकाले गए हैं। ये सही नहीं है।

23 तारीख को वे सबूतों के साथ एक जांच में अपीयर होने जा रहा है। इस पत्र को लेकर वे कोर्ट में जाएंगे और ये आपराधिक षड्यंत्र हैं। कोई भी अथारिटी ऐसा नहीं लिख सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed