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Himachal Chunav: मनीष गर्ग बोले- काउंटिंग टेबल की संख्या के बराबर मतगणना एजेंट हो सकेंगे नियुक्त
Wed, 23 Nov 2022 09:39 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 23 Nov 2022 09:39 PM IST
सार
मनीष गर्ग ने कहा कि मतगणना एजेंट को प्रपत्र-18 भरना होगा। मतगणना एजेंट के रूप में नियुक्ति के लिए सादे कागज पर आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि प्रत्येक उम्मीदवार को रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) काउंटिंग टेबल की संख्या के बराबर मतगणना एजेंट नियुक्त हो पाएंगे। काउंटिंग एजेंट देश का नागरिक और 18 वर्ष से अधिक आयु का हो। रिटर्निंग ऑफिसर उम्मीदवारों को उन मतगणना एजेंटों की कुल संख्या के बारे में सूचित करेंगे, जिन्हें वे नियुक्त करने के हकदार हैं। मोबाइल, आईपैड, लैपटॉप और कोई अन्य रिकॉर्डिंग डिवाइस ले जाने पर रोक रहेगी। गर्ग ने कहा कि मतगणना एजेंट को प्रपत्र-18 भरना होगा।
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मतगणना एजेंट के रूप में नियुक्ति के लिए सादे कागज पर आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। आरओ को 4 दिसंबर को शाम 5:00 बजे तक चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों से उनके फोटो और पहचान पत्र के साथ दो प्रतियों में फार्म 18 में मतगणना एजेंटों की सूची प्राप्त करनी होगी। एक बार ईवीएम की गिनती पूरी हो जाने के बाद 5 वीवीपैट पर्चियों की गिनती शुरू होगी। इसके लिए बनाए गए लॉग बुक में आवश्यक प्रविष्टियां करने के बाद आरओ, एआरओ, उम्मीदवारों, चुनाव एजेंटों और चुनाव पर्यवेक्षक की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम खोले जाएंगे। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
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ये नहीं बन सकते काउंटिंग एजेंट
संघ या राज्य सरकार के कोई भी मौजूदा मंत्री, सांसद, मौजूदा विधायक, शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्ष, एक ही नगर निगम के महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष एजेंट नहीं बन सकेंगे। जिला परिषद और ब्लॉक समिति, राष्ट्रीय, राज्य और जिला सहकारी संस्थाओं के निर्वाचित अध्यक्ष, सरकारी निकायों के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त राजनीतिक पदाधिकारी, सरकारी वकील या अतिरिक्त सरकारी वकील या कोई सरकारी कर्मचारी भी एजेंट नहीं होगा।
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स्ट्रांग रूम की त्रिस्तरीय सुरक्षा, टेंट लगाने की अनुमति: सीईओ
सीईओ ने कहा कि सभी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नजर रखने के लिए अपने प्रतिनिधियों की प्रतिनियुक्ति कर सकते हैं। राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों के टेंट लगाने की अनुमति दी गई थी, जिससे वे स्ट्रांग रूम के प्रवेश बिंदुओं को देख सकेंगे।उन्होंने कहा कि उन्हें छाया, पेयजल, शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था की जाएगी। साथ ही यदि स्ट्रांग रूम का सीधा दृश्य न हो तो ऐसे स्थान पर सीसीटीवी की व्यवस्था की जाएगी। वे स्ट्रांग रूम के दरवाजे को देख सकें।
41,000 सर्विस वोटर डाल चुके वोट प्रदेश में हैं 120000 सर्विस वोटर
विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश में अभी तक 41,000 सर्विस वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके हैं। अपना विधायक चुनने के लिए हिमाचल में कुल 1,20,000 सर्विस वोटर मतदान करेंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि बुधवार तक करीब 41 हजार वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है। सर्विस वोटर का वोट 8 दिसंबर की सुबह 8:00 बजे से पहले रिटर्निंग अधिकारी के पास पहुंच जाना चाहिए और तभी उनके वोट को गिनती की जाएगी। प्रदेश के 1.20 लाख सर्विस वोटरों में चुनाव ड्यूटी में तैनात करीब 65 हजार अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं।