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जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव रोकने को हिमाचल ने केंद्र से मांगे 1644 करोड़

Mon, 23 Apr 2018 08:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Mon, 23 Apr 2018 08:53 AM IST
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himachal demands 1644 crores to mitigate climate change effects

हिमाचल को पर्यावरण संरक्षण के लिए केंद्र सरकार से बड़ी सौगात मिल सकती है। प्रदेश को जलवायुगत परिवर्तनों से प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए 1644 करोड़ की दो परियोजनाओं पर केंद्र से मंजूरी मिल सकती है।

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 मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रविवार को दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री हर्षवर्धन से मुलाकात कर नाबार्ड से पोषित होने वाली दोनों परियोजनाओं की मंजूरी के लिए मुलाकात की। 
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तीन दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियरों के पिघलने से बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्र की सुरक्षा और औषधीय पौधों की खेती के लिए केंद्र से मदद मांगी है।

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इसके लिए प्रदेश ने दो परियोजनाएं तैयार की

himachal demands 1644 crores to mitigate climate change effects

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि जलवायु परिवर्तन के पैदा होते हालात से निपटने के लिए प्रदेश ने दो परियोजनाएं तैयार की हैं। नाबार्ड से इन परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने के लिए केंद्रीय वन मंत्रालय से स्वीकृति अनिवार्य है।

जल संरक्षण एवं प्राकृतिक जल संसाधन प्रबंधन के लिए 1125 करोड़ की योजना सबसे महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के तहत प्राकृतिक जल संसाधनों के संरक्षण करने के साथ उनके दोहन की वैज्ञानिक व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके साथ 492 करोड़ की जलवायुगत वन प्रबंधन की योजना भी है। 

बाढ़ संभावित क्षेत्रों के संरक्षण के लिए ये प्लान

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मुख्यमंत्री ने कुल्लू जिले की पार्वती घाटी में ग्लेशियर पिघलने से बाढ़ संभावित क्षेत्रों के संरक्षण के लिए केंद्र से 20.49 करोड़ रुपये की एक योजना मंजूर करने का प्रस्ताव भी दिया है।

इसी जिले के बंजार घाटी के ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए 17.34 करोड़ रुपये की एक परियोजना में मदद मांगी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि जलवायु परिवर्तन से पैदा विपरीत प्रभावों के कारण सूखा व बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो रही हैं।

ऐसे हालात से निपटने के लिए परियोजनाओं की अतिशीघ्र मंजूरी बेहद जरूरी है। केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया है कि इन परियोजनाओं पर केंद्र जल्द निर्णय लेगा। 

पर्यटन विकास को मांगे इतने करोड़

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हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्र से तीन सौ करोड़ की तीन परियोजनाओं के लिए स्वीकृति मांगी है। मुख्यमंत्री ने रविवार को पर्यटन राज्य मंत्री केजे अल्फोंस से मुलाकात की।

केंद्र से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन सर्किट के साथ साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश ने मदद मांगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश अपनी विविध भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत पूरा वर्ष सैलानियों को आकर्षित करता है।

नैसर्गिक स्थलों में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।  प्रदेश में पर्वतारोहण, बाइकिंग, राफ्टिंग व पैरा ग्लाइडिंग सरीखे साहसिक पर्यटन व साहसिक खेलों के विस्तार की भी अपार संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा पर्यटन क्षेत्र में छिपी रोजगार की संभावनाओं के दोहन पर भी सरकार प्रमुखता से काम कर रही है। धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित होने से श्रद्धालुओं को और अधिक सुविधा हासिल होगी।

केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हिमाचल प्रदेश में पर्यटन के विस्तार व संभावनाओं के दोहन के बारे में राज्य के अधिकारियों दिल्ली बुलाएं।  केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के विकास को लेकर हिमाचल आने का आश्वासन मुख्यमंत्री को दिया है।

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