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इनकी रिपोर्ट के बाद बनेंगे भवन, 30 एरिया का डेवलपमेंट प्लान तैयार
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Updated Fri, 05 Jan 2018 01:13 PM IST
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हिमाचल में भौगोलिक स्थिति के हिसाब से भवनों का निर्माण होगा। कौन सा एरिया सिंकिंग जोन, कौन ढलानदार और कौन क्षेत्र समतल है, इसे देखकर ही भवन बनाने को मंजूरी मिलेगी। सूबे के 70 में से 30 प्लानिंग एरिया के लिए डेवलपमेंट प्लान बन गया है।
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जल्द इन शहरों में योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा। भू-वैज्ञानिक की रिपोर्ट पर ही प्लानिंग एरिया में एक से पांच मंजिला तक भवन निर्माण की मंजूरी मिलेगी।
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शिमला के प्लानिंग एरिया में एनजीटी ने ढाई मंजिला तक भवन बनाने के आदेश दिए हैं। सरकार इस फैसले को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती देने जा रही है। अन्य प्लानिंग एरिया में एक से पांच मंजिला भवन बनाने की अनुमति मिलेगी।
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वर्तमान में सूबे के शहरी निकायों में चार मंजिल प्लस छत बनाने की अनुमति है। निकायों में भवन बनाने से पहले लोगों को नक्शा बनाना होता है। चार बिस्वा प्लॉट में फ्रंट से दो, जबकि अन्य तीन किनारों से डेढ़-डेढ़ मीटर के सबबैक छोड़ने होते हैं।
ढाई सौ और स्क्वेयर मीटर और इससे अधिक एरिया में डबल सेटबैक लगाए जा रहे हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (टीसीपी) तरुण कपूर ने बताया कि हिमाचल के किन क्षेत्रों में प्लानिंग के हिसाब से निर्माण कार्य किया जा सकता है, इसका डेवलपमेंट प्लान बनाया गया है। अब जमीन के हिसाब से भवनों का निर्माण किया जाएगा।
योजनाबद्ध तरीके से बसाए जाएंगे क्षेत्र
हिमाचल में योजनाबद्ध तरीकों से कॉलोनियों को निर्माण होगा। बिजली, पानी और सड़क की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भवनों का निर्माण किया जाएगा।
इन एरिया के लिए डेवलपमेंट प्लान तैयार
जिला कांगड़ा, मंडी और हमीरपुर के शहर, कुल्लू, मनाली, शिमला के रोहडू, रामपुर, सुन्नी, सोलन के सभी शहरी क्षेत्रों के लिए डेवलपमेंट प्लान बनाया गया है।