राठौर की टीम में शिमला संसदीय क्षेत्र को मिली तरजीह
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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने जंबो कार्यकारिणी बनाकर नया इतिहास रचा है। इतनी बड़ी टीम प्रदेश कांग्रेस में पहले कभी नहीं खड़ी हुई। या यूं कहा जाए कि पूर्व अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू की टीम के पदाधिकारियों को हटाए बिना नए पदाधिकारियों की ताजपोशी कर दी गई है।
यानी राठौर को लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी और सुखविंद्र की टीम को साथ लेकर काम करना होगा। नई टीम बनने के साथ ही रोचक तथ्य यह भी सामने आया है कि राठौर की नई टीम में शिमला संसदीय क्षेत्र को ज्यादा तरजीह दी गई है।
पार्टी सूत्रों से मालूम हुआ है कि पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू की टीम को प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर छेड़ पाए। हाईकमान के दबाव के कारण सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बनाए पदाधिकारियों को नहीं हटाया जा सका है। प्रदेश कार्यकारिणी में नए सदस्य शामिल करने के बाद जंबो कार्यकारिणी खड़ी हो गई है।
बताते हैं कि सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 51 सचिव अब सचिवों की कुल संख्या 68 पहुंच गई है। सुक्खू ने महासचिव 15 बनाए थे और अब 18 बनाए हैं। पहले 7 उपाध्यक्ष बनाए थे और अब कुल 15 उपाध्यक्ष बने हैं।
राठौर ने नई कार्यकारिणी में शिमला संसदीय क्षेत्र का दबदबा बनाकर रखा है। बताते हैं कि शिमला संसदीय क्षेत्र से 9 महासचिव, 7 उपाध्यक्ष और 26 सचिवों की नियुक्ति की गई है।
प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर कहते हैं कि उन्होंने पुरानी कार्यकारिणी का कोई पदाधिकारी नहीं हटाया। नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है और इन पदाधिकारियों को जिम्मेवारी शीघ्र दी जाएगी। युवा कांग्रेस के दो पूर्व अध्यक्षों और एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष को पार्टी में दायित्व दिया है।