बड़ा निर्णय लेने में जयराम सरकार नाकाम: कुलदीप राठौर
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नवनियुक्त पीसीसी अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर निशाना सादा है। सिरमौर दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि जयराम सरकार आरएसएस की जकड़ में है।
प्रदेश सरकार को एक साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जमीनी विकास कहीं नजर नहीं आ रहा है। आरएसएस की कैद वाली भाजपा सरकार की स्थिति ऐसी है कि कोई निर्णय भी नहीं ले पा रही है।
नाहन में पत्रकारों से बातचीत में कुलदीप राठौर ने विधानसभा अध्यक्ष पर भी निशाना साधा। राठौर ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका तटस्थ होनी चाहिए। इस पद की अपनी एक गरिमा है। जिस दिन स्पीकर शपथ लेता है किसी भी पार्टी का सदस्य नहीं होता।
लेकिन, यहां स्थिति इसके उलट है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष का नाम लेकर कहा कि वह पार्टी की बैठकों में शिरकत करते हैं। विपक्ष पर भी कटाक्ष करते हैं। अब कांग्रेस पार्टी इसे गंभीरता से लेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब विपक्ष की भूमिका को मजबूत किया जाएगा। उनका स्वयं को कोई एजेंडा नहीं है। वह पार्टी के साथ-साथ राहुल गांधी के एजेंडे पर काम करेंगे। लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर उनका लक्ष्य साफ है।
जहां जरूरत, वहां होगा बदलाव
वह धरातल पर सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। प्रदेश में कांग्रेस पार्टी कार्यालय से नहीं बल्कि जमीन से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस सत्ता विरोधी अभियान मोदी सरकार को लेकर चला रही है।
नोटबंदी, जीएसटी, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर वह जनता के बीच जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में प्रदेश की चारों सीटें जीतकर कांग्रेस प्रत्याशी केंद्र जाएंगे। उन्होंने लचर कानून व्यवस्था, बढ़ते नशे के कारोबार आदि मुद्दों को लेकर प्रदेश सरकार को भी घेरा।
इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय सोलंकी, शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान, रेणुका के विधायक विनय कुमार, पूर्व विधायक अजय बहादुर के अलावा दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि अब कांग्रेस पार्टी में उत्तरदायित्व निश्चित होगा। प्रदेश और जिले की कमेटियां उनकी निगरानी में रहेगी। जहां परिवर्तन की जरूरत होगी, जरूर किया जाएगा।
पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। मीडिया से उनके संबंध काफी अच्छे रहे हैं, लिहाजा इस विभाग पर वह स्वयं नजर रखेंगे। राठौर ने अपनी नियुक्ति से कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि आम कार्यकर्ता भी संगठन से जुड़कर सर्वोच्च पद हासिल कर सकता है। छात्र राजनीति से ही वह इस पद तक पहुंचे हैं। जो भी कार्यकर्ता संगठन के लिए बेहतर कार्य करेगा। उसे जरूर ऊंचा पद मिलेगा।