चुनाव में कांग्रेसी अपने काम के लिए उड़ाते रहे चॉपर, पार्टी ने मांगा हिसाब
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कांग्रेस हाईकमान ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान हिमाचल में हेलीकॉप्टर उड़ानों पर सवाल उठाए हैं। चुनाव के समय हेलीकॉप्टर की नौ उड़ानों पर खर्च 21 लाख रुपये का प्रदेश कांग्रेस से अब हिसाब मांगा है।
हाईकमान के ध्यान में आया है कि हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल पार्टी नेताओं ने प्रचार के लिए नहीं, अपितु व्यक्तिगत किया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार हाईकमान प्रदेश कांग्रेस से जानना चाह रहा है कि लोकसभा चुनाव के समय हेलीकॉप्टर की नौ उड़ानें नेताओं ने किसके लिए इस्तेमाल की।
इनमें चंडीगढ़ से शिमला और शिमला से किन्नौर की दो उड़ानें भी सवालों के घेरे में हैं। चंडीगढ़ से शिमला एक उड़ान न तो चुनाव प्रचार के लिए भरी गई और न पार्टी के कि सी स्टार प्रचारक को लाया गया।
यह उड़ान किसके लिए भरी थी, यह हाईकमान के लिए पहेली बनी है। इसके अलावा शिमला से किन्नौर की उड़ान भी सवालों के घेरे में है। इसके अतिरिक्त सात उड़ानें भी लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए नहीं भरी गईं।
क्या कहते हैं पार्टी प्रदेशाध्यक्ष राठौर
बताते हैं कि विरोधी गुट के नेताओं ने हेलीकॉप्टर उड़ानों पर सवाल खड़े करते हुए हाईकमान को शिकायतें भेजी हैं। इन शिकायतों को पुख्ता आधार देने के लिए सुबूत के तौर पर मौके की वीडियो क्लिप और कुछ फोटो संलग्न कर भेजे हैं।
इसके बाद हाईकमान ने हेलीकॉप्टर की लॉगबुक को खंगाला। इसे हर उड़ान के बाद भरा जाता है। हेलीकॉप्टर के पायलट भी नौ उड़ानों के बारे में स्पष्ट कर चुके हैं कि ये उड़ानें चुनाव प्रचार के लिए नहीं थीं।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर कहते है कि लोकसभा चुनाव प्रचार में आए पार्टी के हेलीकाप्टर का कोई दुरुपयोग नहीं किया गया। चुनाव के दौरान हेलीकाप्टर कहां इस्तेमाल किया, इसकी पूरी जानकारी तत्काल पार्टी की प्रदेश प्रभारी और एआईसीसी को दी जाती रही है।