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Himachal Congress Strategy: 14 हार वाली सीटों पर कांग्रेस का फोकस, CM सुक्खू करेंगे कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद
Fri, 24 Jul 2026 09:55 AM IST
Ankesh Dogra
सुरेश शांडिल्य, शिमला।
सुरेश शांडिल्य, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 24 Jul 2026 09:55 AM IST
सार
हिमाचल कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने उन 14 विधानसभा सीटों पर विशेष फोकस किया है, जहां उसे लगातार हार मिल रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कर हार के कारण जान रहे हैं। भाजपा की कमजोरियों, स्थानीय मुद्दों और एंटी-इनकंबेंसी को आधार बनाकर कांग्रेस नई चुनावी रणनीति तैयार कर रही है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
विधानसभा चुनाव में बार-बार हारी जा रही 14 सीटों पर कांग्रेस सरकार और संगठन ने खास फोकस कर लिया है। इन विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सीधा संवाद कर रहे हैं और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष भी। सीएम सुक्खू ने इसी कड़ी में चौपाल और पच्छाद क्षेत्र से कांग्रेस नेताओं को ओक ओवर बुलाकर उनसे फीडबैक ले लिया है। अब अन्य हलकों के लिए भी कार्यकर्ता संवाद का आयोजन होगा। इन विधानसभा सीटों पर भाजपा विधायकों की कमजोरियां तलाशी जा रही हैं। क्षेत्रीय मुद्दों को उठाते हुए उनकी घेराबंदी की जाएगी। भाजपा विधायकों के खिलाफ एंटीइनकमबेंसी को भी हथियार बनाया जाएगा।
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राज्य विधानसभा में भाजपा के पास 28 सीटें हैं, कांग्रेस के पास 40 हैं। भाजपा विधायकों वाली करीब पचास फीसदी यानी 14 सीटों पर कांग्रेस बार-बार हार रही है। यह हलके चुराह, सुलह, सराज, सरकाघाट, जोगिंद्रनगर, नाचन, द्रंग, मंडी सदर, बंजार, हमीरपुर सदर, झंडूता, पांवटा, पच्छाद और चौपाल हैं। सराज से जयराम ठाकुर छठी बार लगातार विधायक हैं। चुराह से हंसराज और नाचन से विनोद कुमार भी लगातार तीन बार विधायक बन चुके हैं। नाचन से तो विनोद कुमार से पूर्व दिलेराम भी भाजपा विधायक थे।
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चौपाल से बलवीर सिंह वर्मा तीन बार विधायक बन चुके हैं। सुलह से विपिन परमार भी लगातार दो बार, सरकाघाट से दलीप ठाकुर एक बार व उनसे पहले भाजपा के ही कर्नल इंद्र सिंह दो बार, जोगिंद्रनगर से प्रकाश राणा पहले निर्दलीय तथा उसके बाद भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते, उनसे पहले यहां से गुलाब सिंह ठाकुर विधायक थे। द्रंग से वर्तमान में पूर्ण चंद विधायक हैं और उनसे पहले जवाहर ठाकुर विधायक थे। मंडी सदर से अनिल शर्मा भाजपा के टिकट पर दो बार विधायक बन चुके हैं। उससे पहले वह कांग्रेस के टिकट पर यहां से चुनाव जीते। बंजार से सुरेंद्र शौरी भी लगातार दो बार विधायक बने हैं।
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हमीरपुर सदर से उपचुनाव में भाजपा का टिकट लेकर आशीष शर्मा विधायक बने, उससे पहले वह निर्दलीय चुने गए थे। आशीष से पहले इस सीट से प्रेमकुमार धूमल व उनसे पूर्व उर्मिल ठाकुर भाजपा से विधायक रहीं। झंडूता से जीतराम कटवाल लगातार दो बार विधायक बन चुके हैं। पांवटा से सुखराम चौधरी भी लगातार दूसरी बार भाजपा विधायक बने हैं।
मुख्यमंत्री कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में उन विधानसभा हलकों के पार्टी कार्यकर्ताओं को बुलाया जा रहा है जहां कांग्रेस दो या दो से ज्यादा बार नहीं जीत पाई। ऐसे हलकों के करीब 50 प्रमुख कार्यकर्ताओं से यह जाना जाएगा कि कांग्रेस किन वजहों से चुनाव नहीं जीत पाई। इन सीटों पर भाजपा के खिलाफ मोर्चेबंदी होगी। आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इन सीटों पर विजयी होगी। - रितेश कपरेट, ओएसडी राजनीतिक मामले, मुख्यमंत्री