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Shimla News: डीडीयू अस्पताल में दवा दुकानों से मंगवाई जा रहीं सीरिंज, तीमारदारों पर बढ़ा बोझ
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वार्ड में भर्ती मरीजों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना
तीमारदारों और कर्मचारियों में भी हो रही बहस
मेडिसिन वार्ड में बने यह हालत, सीरिंज लाने के बाद लग रही वैक्सीन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल (डीडीयू) में वार्ड में भर्ती मरीजों को टीका लगाने के लिए सीरिंज उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस कारण तीमारदारों को पैसे खर्च कर निजी दवा दुकानों से सीरिंज खरीदनी पड़ रही है। इससे वार्ड में भर्ती मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेडिसिन वार्ड में इस प्रकार के हालात बने हुए हैं। स्टाफ की ओर से मरीजों को टीका लगाने के लिए तीमारदारों से सीरिंज लाने के लिए कहा जाता है। इसके बाद मरीज को इंजेक्शन लगाया जाता है।
इंजेक्शन लगाने से पहले वार्ड में तैनात स्टाफ की ओर से सीरिंज एकत्र कर दी जाती है। इसके बाद जब टीका लगाने के लिए स्टाफ आता है तो तीमारदारों और स्टाफ में बहस हो जाती है। तीमारदार सीरिंज के रंग को लेकर भी बहस पर उतर जाते हैं। दवा दुकानों से सीरिंज मंगवाने पर तीमारदारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, वहीं मरीजों को भी समय पर उपचार मिलने में परेशानी हो रही है।
मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में उपचार के दौरान उन्हें कई बार सीरिंज बाहर से खरीदकर लानी पड़ रही है। इसके बाद ही मरीजों को इंजेक्शन लगाया जा रहा है। सरकारी अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद इस तरह की आवश्यक वस्तुओं को बाजार से खरीदना पड़ने पर लोगों में रोष है। जब वे अस्पताल कर्मचारियों से सीरिंज उपलब्ध न होने का कारण पूछते हैं तो स्टाफ की ओर से कोई उत्तर नहीं दिया जाता है। पहले से बीमारी से जूझ रहे मरीजों की चिंता के बीच उन्हें दवा और अन्य जरूरी सामान के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। तीमारदारों ने अस्पताल प्रबंधन से मेडिसिन वार्ड समेत सभी वार्डों में पर्याप्त मात्रा में सीरिंज और अन्य आवश्यक दवा उपलब्ध करवाने की मांग की है।
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कोट....
अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में सीरिंज उपलब्ध हैं। इस बारे में स्टाफ से पता लगाया जाएगा कि बाहर से सीरिंज क्यों मंगवाई जा रही है।
-डाॅ. लोकेंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, डीडीयू अस्पताल शिमला
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तीमारदारों और कर्मचारियों में भी हो रही बहस
मेडिसिन वार्ड में बने यह हालत, सीरिंज लाने के बाद लग रही वैक्सीन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल (डीडीयू) में वार्ड में भर्ती मरीजों को टीका लगाने के लिए सीरिंज उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस कारण तीमारदारों को पैसे खर्च कर निजी दवा दुकानों से सीरिंज खरीदनी पड़ रही है। इससे वार्ड में भर्ती मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेडिसिन वार्ड में इस प्रकार के हालात बने हुए हैं। स्टाफ की ओर से मरीजों को टीका लगाने के लिए तीमारदारों से सीरिंज लाने के लिए कहा जाता है। इसके बाद मरीज को इंजेक्शन लगाया जाता है।
इंजेक्शन लगाने से पहले वार्ड में तैनात स्टाफ की ओर से सीरिंज एकत्र कर दी जाती है। इसके बाद जब टीका लगाने के लिए स्टाफ आता है तो तीमारदारों और स्टाफ में बहस हो जाती है। तीमारदार सीरिंज के रंग को लेकर भी बहस पर उतर जाते हैं। दवा दुकानों से सीरिंज मंगवाने पर तीमारदारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, वहीं मरीजों को भी समय पर उपचार मिलने में परेशानी हो रही है।
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मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में उपचार के दौरान उन्हें कई बार सीरिंज बाहर से खरीदकर लानी पड़ रही है। इसके बाद ही मरीजों को इंजेक्शन लगाया जा रहा है। सरकारी अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद इस तरह की आवश्यक वस्तुओं को बाजार से खरीदना पड़ने पर लोगों में रोष है। जब वे अस्पताल कर्मचारियों से सीरिंज उपलब्ध न होने का कारण पूछते हैं तो स्टाफ की ओर से कोई उत्तर नहीं दिया जाता है। पहले से बीमारी से जूझ रहे मरीजों की चिंता के बीच उन्हें दवा और अन्य जरूरी सामान के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। तीमारदारों ने अस्पताल प्रबंधन से मेडिसिन वार्ड समेत सभी वार्डों में पर्याप्त मात्रा में सीरिंज और अन्य आवश्यक दवा उपलब्ध करवाने की मांग की है।
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कोट....
अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में सीरिंज उपलब्ध हैं। इस बारे में स्टाफ से पता लगाया जाएगा कि बाहर से सीरिंज क्यों मंगवाई जा रही है।
-डाॅ. लोकेंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, डीडीयू अस्पताल शिमला