फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   parking work delay due to budget

Shimla News: जनता के पैसों की बर्बादी, 44 लाख से बनने वाली पार्किंग के लिए अब मांग रहे 70 लाख

Wed, 09 Sep 2026 11:57 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 11:57 PM IST
विज्ञापन
parking work delay due to budget
खास खबर...फोटो सहित
विज्ञापन

राजधानी के ऐतिहासिक जाखू मंदिर के पास निर्माणाधीन पार्किंग सवालों के घेरे में, पैसा न होने से काम भी ठप
नगर निगम की अनूठी इंजीनियरिंग, छोटी गाड़ियों के लिए बना रहे बस के आकार की 20 फीट ऊंची पार्किंग
अमर उजाला ब्यूरो

शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक जाखू मंदिर के पास नगर निगम की अनूठी इंजीनियरिंग से तैयार हो रही पार्किंग में जनता के लाखों रुपये बर्बाद हो गए। पहले तो नगर निगम ने छोटी गाड़ियों के लिए 20 फीट ऊंचा लोहे का ढांचा खड़ा कर दिया। फिर डिजाइन बदलने के नाम पर 44 लाख का काम 70 लाख में पहुंचा दिया। अब पैसा खत्म हुआ तो काम बंद करना पड़ा। लाखों रुपये फूंकने के बावजूद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को न पार्किंग की सुविधा मिली और न ही नगर निगम को कोई फायदा हुआ। अब इस पार्किंग का निर्माण ही जांच के दायरे में आ गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आठ से दस फीट ऊंची गाड़ियों के लिए 20 फीट ऊंची पार्किंग बनाने की जरूरत क्या थी।
नगर निगम के पार्षदों ने भी अब इसके निर्माण पर सवाल उठा दिए हैं। वहीं, महापौर सुरेंद्र चौहान भी इस पार्किंग का 20 फीट ऊंचा ढांचा देखकर हैरान हैं। हाल ही में महापौर ने इसका निरीक्षण किया है। राजधानी के प्रसिद्ध जाखू मंदिर में रोजाना आने-जाने वाले लोगों और सैलानियों को सुविधा देने के लिए नगर निगम ने पार्किंग बनाने की योजना तैयार की थी। यहां बने मैदान के ऊपर यह स्टील पार्किंग बनाई जानी थी। नगर निगम के अनुसार इस काम के लिए जाखू मंदिर प्रबंधन से 50 लाख मिलने की बात तय हुई थी।
विज्ञापन

44 लाख में दिया टेंडर, अब 70 लाख मांग रहे
नगर निगम ने इस पार्किंग को बनाने के लिए डिजाइन तैयार करवाया और 49 लाख रुपये के इस प्रोजेक्ट के टेंडर कर दिए। टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदार ने 44.84 लाख रुपये में इस काम को करने का दावा किया। निगम ने इसे काम सौंप दिया। मौके पर पार्किंग निर्माण शुरू हुआ तो ठेकेदार ने निगम के दिए डिजाइन के ढांचा तैयार कर लिया। मौके पर सिर्फ ढांचा ही खड़ा हुआ था कि पैसा खत्म हो गया। ठेकेदार ने कहा कि काम पूरा करने के लिए 70.57 लाख रुपये लगेंगे। नगर निगम का तर्क है कि निर्माण के दौरान पार्किंग के डिजाइन में बदलाव करना पड़ा। इसके चलते लागत अब 70 लाख रुपये तक पहुंच गई है। अब तक पार्किंग पर खर्च किए 44 लाख में से मंदिर की ओर से 24 लाख रुपये ही मिले हैं। बाकी पैसा निगम ने लगाया है। यदि मंदिर और पैसा देता है तो काम पूरा हो पाएगा। सवाल उठ रहे हैं कि संकरी सड़क से जुड़े जाखू में छोटी गाड़ियां ही पहुंचती हैं। ऐसे में वहां 20 फीट ऊंची पार्किंग क्यों बनाई गई। इसके अलावा लागत अचानक 70 लाख कैसे पहुंच गई। इसकी जांच होनी चाहिए। निगम का तर्क है कि सड़क से जोड़ने के लिए पार्किंग की ऊंचाई बढ़ानी पड़ी लेकिन इसमें लाखों रुपये बर्बाद हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

विभागों को जारी होंगे निर्देश : आयुक्त
इस पार्किंग का निर्माण मेरी तैनाती से पहले का है। नियमानुसार किसी निर्माण में 10 फीसदी तक ही डेविएशन हो सकती है। लागत इतनी क्यों बढ़ गई, इसका जवाब संबंधित अधिकारी दे सकते हैं। भविष्य में इस तरह के मामले सामने न आएं, इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
-सचिन कंवल, आयुक्त नगर निगम शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed