हिमाचल: कैंसर से लड़ने में मशरूम कितनी सहायक, तीन केंद्रीय संस्थान करेंगे क्लीनिकल परीक्षण
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के प्रमुख संस्थानों के सहयोग से औषधीय मशरूमों का विस्तृत विश्लेषण और क्लीनिकल परीक्षण किया जाएगा।
विस्तार
देश में गंभीर बीमारियों और कैंसर जैसे घातक रोगों के उपचार में सहायक औषधीय मशरूम की उपयोगिता को सिद्ध करने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के प्रमुख संस्थानों के सहयोग से औषधीय मशरूमों का विस्तृत विश्लेषण और क्लीनिकल परीक्षण किया जाएगा। सोलन स्थित खुंब अनुसंधान निदेशालय (आईसीएआर) इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर जल्द काम शुरू करने की तैयारी में है। शोध के तहत मुख्य रूप से ऐसी मशरूम प्रजातियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिनमें असाध्य रोगों से लड़ने की प्राकृतिक क्षमता पाई जाती है। इनमें कैंसर से मुकाबला करने के लिए जानी जाने वाली ऋषि और टर्कीटेल जैसी प्रजातियां प्रमुख हैं।
दुर्लभ औषधीय मशरूमों में मौजूद सक्रिय तत्वों की भी गहन जांच होगी
इनके अलावा अन्य पारंपरिक और दुर्लभ औषधीय मशरूमों में मौजूद सक्रिय तत्वों की भी गहन जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य उनके औषधीय गुणों और संभावित उपयोग का वैज्ञानिक डेटाबेस तैयार करना है। इस परियोजना का अहम हिस्सा औषधीय मशरूम से तैयार उत्पादों की प्रभावशीलता और गुणवत्ता का क्लीनिकल मूल्यांकन होगा। खास बात है कि शोध या सुनी-सुनाई बातों पर नहीं, निर्धारित वैज्ञानिक मानकों के तहत मरीजों को निगरानी में रखकर परीक्षण किया जाएगा। इससे विभिन्न रोगों में मशरूम आधारित अर्क या उत्पादों के प्रभाव, सुरक्षा और गुणवत्ता का आकलन करने में मदद मिलेगी। शोध के परिणामों के आधार पर इनके गुणवत्ता मानक तय करने और इन्हें एलोपैथिक उपचार के साथ सहायक चिकित्सा के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर
आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में औषधीय मशरूम का उपयोग लंबे समय से होता रहा है। इनमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। आईसीएमआर और सीएसआईआर के सहयोग से इन दावों की वैज्ञानिक पुष्टि के लिए प्रमाण जुटाने में मदद मिल सकती है।
हाल ही में केंद्रीय अनुसंधान सलाहकार समिति की टीम ने खुंब अनुसंधान निदेशालय का दौरा किया था। टीम ने औषधीय मशरूमों के चिकित्सीय गुणों को प्रमाणित करने के लिए आईसीएमआर और सीएसआईआर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ संयुक्त शोध करने के निर्देश दिए है। जल्द ही इस संयुक्त शोध कार्य की शुरुआत करने जा रहे हैं। - डॉ. बृजलाल अत्री निदेशक, खुंब अनुसंधान निदेशालय