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मेधावियों के लैपटॉप पर हिमाचल कैबिनेट लेगी अंतिम फैसला, विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव
Thu, 12 Sep 2019 11:49 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 12 Sep 2019 11:49 AM IST
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स्कूल-कॉलेजों के 9700 मेधावियों को श्रीनिवास रामानुजन स्टूडेंट डिजिटल योजना के तहत दिए जाने वाले लैपटॉप के टेंडर रद्द होंगे या नहीं। इसका फैसला 16 सितंबर को सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में होगा।
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शिक्षा मंत्री की सिफारिश पर विभागीय अधिकारियों ने टेंडर रद्द करने का प्रस्ताव तैयार किया है। टेंडर प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बीच शिक्षा विभाग अपने स्तर पर बड़ा फैसला लेने से गुरेज कर रहा है। ऐसे में कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही लैपटॉप का भविष्य तय होगा।
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दो कंपनियों को टेंडर देने और खरीद के लिए पांच करोड़ का बजट बढ़ने से मामला विवादित हो गया है। 22 अगस्त को विधानसभा में कांग्रेस ने भी इसको लेकर खूब हंगामा भी किया था।
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लैपटॉप खरीद का जिम्मा राज्य इलेक्ट्रानिक कॉरपोरेशन को दिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने खरीद के लिए करीब 18 करोड़ का बजट निर्धारित किया था, जबकि टेंडर में चुनी गई कंपनियाें ने 23 करोड़ के बजट में लैपटॉप देने की बात कही।
कारपोरेशन ने लैपटॉप खरीद के लिए पहली बार दो कंपनियों का चयन किया। एल वन कंपनी को 60 फीसदी और एल टू कंपनी को 40 फीसदी सप्लाई आर्डर देने की बात कही गई। कॉरपोरेशन की टेंडर प्रक्रिया शिक्षा विभाग को रास नहीं आई है।
इससे पूर्व टेंडर प्रक्रिया की टेक्निकल बिड में भी पेच फंसा था। टेंडर में दिए गए तय मानक पूरे नहीं करने के आरोप में बाहर हुई कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए। इन सब चीजों को आधार बनाते हुए शिक्षा विभाग ने टेंडर रद्द करने का प्रस्ताव तैयार किया है।