हिमाचल कैबिनेट की बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सरकार ने बस किराया बढ़ाकर जनता को कोरोना काल में झटका दिया। बैठक कई अन्य बड़े फैसले भी लिए गए। कैबिनेट ने राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा-108 के तहत 38 एंबुलेंसों को बदलने की मंजूरी दी। उद्योग विभाग ने मंत्रिमंडल के समक्ष व्यापार में सुगमता पर प्रस्तुतिकरण दिया। विभाग ने निवेशकों की सुविधा और राज्य में व्यापार में सुगमता में सुधार लाने के उद्देश्य से 46 सेवाओं के लिए ऑनलाइन प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया। मंत्रिमंडल ने विभाग को सुधार की इस दिशा में समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए।
मंत्रिमंडल ने पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले 34 ईजीएस प्रशिक्षकों को ग्रामीण विद्या उपासकों में परिवर्तित करने की स्वीकृति दी। मंत्रिमंडल ने चंबा जिला के भरमौर विधानसभा क्षेत्र के शिक्षा खंड मेहला-1 ग्राम पंचायत बाकन के अंतर्गत लोअर थरेड़ी में नया राजकीय प्राथमिक विद्यालय खोलने को मंजूरी प्रदान की। अभियोजन विभाग में अनुबंध आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायकों (सूचना प्रौद्योगिकी) के तीन पद भरने का निर्णय लिया गया है।
मंत्रिमंडल ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत बस किराये में वृद्धि का निर्णय लिया है। पहले तीन किलोमीटर के लिए अब पांच के बजाय सात रुपये किराया वसूल किया जाएगा। तीन किलोमीटर के बाद पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में सभी प्रकार की यात्रा के लिए वर्तमान प्रति किलोमीटर किराये में 25 प्रतिशत की बढ़ाेतरी की जाएगी।
शिक्षण संस्थानों के पुस्तकालयों के सुचारू संचालन के लिए शिक्षा विभाग में सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों के 771 रिक्त पदों को शिक्षा विभाग के कनिष्ठ कार्यालय सहायक (पुस्तकालय) में परिवर्तित करने का निर्णय लिया। ऊना जिला के लाला जगत नरैण हिमोत्कर्ष कन्या महाविद्यालय कोटला खुर्द को वर्तमान नीति के अनुरूप पात्र शिक्षकों और गैर शिक्षक स्टाफ सहित सरकारी नियंत्रण में लेने का निर्णय लिया गया है।
मंत्रिमंडल ने सांसदों और विधायकों को हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की बसों में प्रदेश के अंदर और प्रदेश के बाहर मुफ्त यात्रा की सुविधा वापस लेने की सहमति बनी। बहरहाल, यह सुविधा पूर्व सांसदों और विधायकों को जारी रहेगी। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने ई-केबिनेट के लिए हार्डवेयर की प्रस्तुति दी और मंत्रिमंडल ने विभाग को 16 कार्य स्थल (वर्क स्टेशन) खरीदने के लिए अधिकृत किया। यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए तीसरे पक्ष से सुरक्षा ऑडिट करवाया जाएगा।