Coronavirus Lockdown in HP: सीएम से लेकर सभी विधायकों के वेतन में कटौती
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हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार को ओकओवर में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। कोविड-19 के चलते पहली बार बैठक में मुख्यमंत्री व तीन मंत्री तो ओकओवर में मौजूद थे, लेकिन बाकी मंत्रियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक में भाग लिया। बैठक में कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए बड़ा फैसला लिया।
आर्थिक हालात के मद्देनजर केंद्र सरकार की तर्ज पर हिमाचल कैबिनेट ने फैसला लिया कि प्रदेश में सीएम जयराम ठाकुर से लेकर विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभी मंत्रियों-विधायकों के अलावा बोर्ड-निगमों के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन को एक साल तक 30 फीसदी कम वेतन मिलेगा। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ ओकओवर में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी और कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा मौजूद थे।
सिंचाई मंत्री महेंद्र सिंह, पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर, उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर और परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में यह भी फैसला लिया कि अगले दो साल तक एमएलए फंड को हिमाचल प्रदेश कोविड सॉलिडेरिटी फंड में खर्च होगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस संबंध में सरकार जल्द अध्यादेश लाएगी। बाद में हालात सामान्य होने पर इसे वापस किया जा सकता है।
विधायकों के भत्तों में कटौती पर केंद्र जो फैसला लेगा, हिमाचल भी उसे लागू करेगा। हालांकि श्रेणी एक और दो स्तर के अधिकारियों के वेतन में कटौती का अभी विचार नहीं है। भारद्वाज ने बताया कि वर्तमान में विधायक निधि एक करोड़ 75 लाख रुपये है। कुछ राज्यों ने जरूर सरकारी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की है। जरूरत पड़ने पर हिमाचल भी इस पर निर्णय लेगा। बता दें केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री, मंत्रियों और सभी सांसदों के वेतन में 30 फीसदी कटौती का फैसला लिया है।
जमाती सुसाइड बम की तरह: भारद्वाज
लॉकडाउन और कर्फ्यू हटाने के सवाल पर भारद्वाज ने कहा कि इस पर 14 अप्रैल के बाद समीक्षा कर केंद्र फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि शुरुआत में कोरोना पॉजिटिव पाए गए दोनों मरीज ठीक हो गए, जबकि एक तिब्बती की मौत के बाद कोई नया मामला नहीं आया था।
बद्दी का मामला भी दिल्ली के लोगों से जुड़ा था, लेकिन प्रदेश में जमातियों के कोरोना पॉजिटिव मामले बढ़ने से हालात मुश्किल हुए हैं। भारद्वाज ने जमातियों को सुसाइड बम की संज्ञा देते हुए कहा कि सबसे खतरनाक यह है कि ये जानकारी छुपा रहे हैं। ऐसी स्थिति में लॉकडाउन या कर्फ्यू कब खत्म होगा ये कहा नहीं जा सकता।
स्वास्थ्य व सफाई कर्मियों को दी बधाई
मंत्रिमंडल ने कोविड-19 से लड़ाई के दौरान निरंतर सेवाएं देने वाले डाक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा सफाई कर्मियों और पुलिस कर्मियों को बधाई दी। आभार जताते हुए कैबिनेट ने कहा कि उनकी इस सेवा के बिना मुश्किल समय में हालात से निपटना नामुमकिन था। मंत्रिमंडल ने सभी को विश्व स्वास्थ्य दिवस की भी बधाई दी।
शहीदों को दी श्रद्धांजलि
मंत्रिमंडल ने उत्तरी कश्मीर के केरन सेक्टर में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में बलिदान देने वाले कुल्लू के पुइंद गांव के पैराट्रूपर बालकृष्ण (24) और बिलासपुर की हटवाड़ पंचायत के देहरा गांव के कमांडो सूबेदार संजीव कुमार (43) को श्रद्धांजलि दी।