धर्मशाला उपचुनाव: भाजपा में सात और कांग्रेस में सुधीर के साथ दो और दावेदार
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धर्मशाला उपचुनाव की सरगर्मी सुरूर पर है। सियासी ऊहापोह के बीच एक से डेढ़ हफ्ते के भीतर भाजपा और कांग्रेस टिकटों पर मुहर लगा सकती हैं। भाजपा में प्रत्याशी के तौर पर सात नामों पर चर्चा चल रही है। कांग्रेस से पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा का नाम चल रहा था लेकिन अचानक उभरी गुटबाजी के बाद अब दो और नाम देवेंद्र जग्गी और विजय इंद्र कर्ण के जुड़ गए हैं।
भाजपा में प्रत्याशी चयन को लेकर एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति है। इससे इतर स्थानीय नेता को टिकट की पैरवी के शिगूफे ने प्रदेश भाजपा हाईकमान को उलझा दिया है। आईबी और आरएसएस ने सर्वे कर दिल्ली और सीआईडी ने शिमला में रिपोर्ट सौंप दी है। टिकट की चाह में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी बार-बार दिल्ली में हाईकमान के पास हाजिरी लगाने में जुटे हैं।
सर्वे रिपोर्टों में भाजपा से उमेश दत्त, संजय शर्मा, विशाल नैहरिया, सचिन शर्मा, राजीव भारद्वाज, राकेश शर्मा और आनंद शर्मा के नाम चल रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व भी इन्हीं नामों पर मंथन कर रहा है। लेकिन, प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती के स्थानीय नेता को टिकट देने के बयान के बाद इनमें से कुछ नामों पर कैंची चल सकती है। हालांकि, अंदरखाते हाईकमान स्थानीय नेता का मतलब पूरा जिला कांगड़ा निकाल रहा है।
इसलिए, धर्मशाला विस क्षेत्र के बाहर के दावेदारों के नामों पर कैंची चलने की संभावना कम है। इसके अलावा भाजपा में दो महिला नेता मोदी नाम की लॉटरी के इंतजार में हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि आचार संहिता लगने के एक हफ्ते के भीतर प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए जाएंगे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता संजय रत्न ने कहा हाईकमान जल्द ही प्रत्याशियों की घोषणा करेगा।
उपचुनाव में भी शांता, धूमल और नड्डा
राजनीतिक सूत्रों की मानें तो उमेश दत्त दिल्ली, विशाल नैहरिया प्रदेश संगठन, राजीव भारद्वाज शांता कुमार, सचिन शर्मा आरएसएस, संजय शर्मा जेपी नड्डा और प्रेम कुमार धूमल, राकेश शर्मा संगठन और आनंद शर्मा टिकट के लिए सांसद किशन कपूर के भरोसे हैं।
तो क्या नाराज हैं कपूर
राजनीतिक सूत्रों की मानें तो उपचुनाव में सांसद किशन कपूर प्रदेश हाईकमान से नाराज बताए जा रहे हैं। कपूर के करीबियों का कहना है कि मंत्री पद छोड़ने के बदले में हाईकमान ने कपूर से उनके बेटे को उपचुनाव में टिकट देने का वायदा किया था। बेटे को टिकट के लिए मना होने के बाद कपूर नाराज बताए जा रहे हैं। उपचुनाव में लोकल नेता को ही टिकट देने के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती के बयान को भी इस सियासी पैचअप के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।