हिमाचल में पड़ोसी राज्यों से ज्यादा हुआ बस किराया, यहां जानिए पूरा मामला
जयराम सरकार ने बस किराये में बढ़ोतरी कर पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड को भी पीछे छोड़ दिया है। पंजाब में सामान्य बसों में 1.60 रुपये, हरियाणा में 85 पैसे और उत्तराखंड में 1.56 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया तय है। जयराम सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में साधारण बसों में 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर किराया तय किया है।
मैदानी इलाकों में भले ही जयराम सरकार ने किराया 1.12 रुपये किया हो, लेकिन यह किराया भी हरियाणा रोडवेज की अपेक्षा 27 पैसे अधिक है। किराया बढ़ने की सबसे ज्यादा मार प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों पर पड़ी है। सरकार तर्क दे रही है कि 2013 के बाद हिमाचल में बस किराये में बढ़ोतरी नहीं हुई है।
इस बीच प्रदेश में कई फीसदी डीजल में बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते किराया बढ़ाया गया है। लेकिन जनमानस का मानना है कि अगर सरकार ने किराये में बढ़ोतरी करनी ही थी तो पहले जनता के सुझाव लेने चाहिए थे। न्यूनतम किराया 6 रुपये किए जाने पर जनता पर वित्तीय बोझ डाला है।
शहरवासियों पर पड़ेगी ज्यादा मार
गौरतलब है कि निजी बस ऑपरेटर किराया बढ़ाने को लेकर दो दिन की हड़ताल पर चले गए थे। जयराम सरकार ने इन ऑपरेटरों के आगे घुटने टेककर हड़ताल वापस लेने की बात की। बीते सोमवार को मंत्रिमंडल ने भारी भरकम किराया बढ़ोतरी कर जनता पर वित्तीय बोझ डाला है।
न्यूनतम किराये में बढ़ोतरी किए जाने की सबसे ज्यादा मार शहरवासियों पर पड़ेगी। अगर वे एक-आधा किलोमीटर तक का भी सफर करते हैं तो उन्हें 6 रुपये चुकाने पड़ेंगे। पहले सवारियों से 3 रुपये तक की वसूली होती थी।