सीएम जयराम आज पेश करेंगे अपना दूसरा बजट, मिल सकती हैं ये बड़ी सौगातें, देखें लाइव
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश के वित्त मंत्री के रूप में अपना दूसरा बजट शनिवार को विधानसभा में पेश करेंगे। इस बजट में किसानो-बागवानों और कर्मचारियों के लिए खास सौगात दी जा सकती है। वहीं महत्वाकांक्षी इनवेस्टर मीट को देखते हुए उद्योग जगत के लिए भी कई बड़े एलान हो सकते हैं। पिछले साल के 6300 करोड़ की अपेक्षा 71 सौ करोड़ का सालाना प्लान भी कुछ इसी ओर इशारा कर रहा है।
माना जा रहा है कि बजट में कृषि से संबंधित कई योजनाओं को शामिल किया जा सकता है। साथ ही पहले साल शुरू की गई योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी पर्याप्त बजट मिलने की उम्मीद है। कर्मचारियों, विभिन्न तरह के पेशनभोगियों के लिए भी सरकार लोकलुभावन एलान कर सकती है।
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शनिवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर विधानसभा में बजट पेश करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान वह करीब 45 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट अनुमान पेश कर सकते हैं। यह बजट जयराम सरकार के पहले बजट से ज्यादा होने की संभावना है। पिछले साल सरकार ने 41 हजार 440 करोड़ का बजट अनुमान पेश किया था।
हालांकि वित्त वर्ष के खत्म होने से पहले सरकार को 3142 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करना पड़ा। माना जा रहा है कि सरकार इस बार अनुपूरक बजट न लाने के लिए पहले ही वित्तीय प्रबंध करने पर जोर दे रही है। सूत्रों का कहना है कि बजट में कर्मचारियों के बड़े वर्ग में शामिल विभिन्न श्रेणी के अस्थायी शिक्षकों को लेकर भी सरकार बड़ा एलान कर सकती है। वहीं, आउटसोर्स कर्मचारियों को भी सरकार से बजट में बड़ी उम्मीद है।
वहीं, युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से दस हजार से ज्यादा नए पद सृजित कर उन्हें भरने के संबंध में भी जयराम बजट भाषण में एलान कर सकते हैं। इसके अलावा किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने और पर्यटन हब के रूप में प्रदेश को उभारने के मद्देनजर भी कई नई योजनाओं को जगह मिल सकती है। सड़क व हवाई नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी विकास की योजनाओं का एलान किया जा सकता है।
3400 पैट को बजट से बड़ी उम्मीद
प्राथमिक सहायक अध्यापक संघ ने शनिवार को पेश होने वाले बजट से नियमितीकरण की आस लगाई है। संघ के राज्य अध्यक्ष रजत शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के 3400 प्राथमिक सहायक अध्यापकों को बजट से बड़ी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्राथमिक सहायक अध्यापक प्रदेश का सबसे शोषित वर्ग है।
वर्तमान सरकार आने के बाद से उन्हें नियमितीकरण की आस बंधी है। प्राथमिक सहायक अध्यापक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगभग पिछले 16 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कनिष्ठ बुनियादी अध्यापक के पद के लिए सभी प्रकार की योग्यताएं पूरी करते हैं।
प्रदेश में जब कनिष्ठ बुनियादी अध्यापकों का कोई भी प्रशिक्षित बैच नहीं था उस समय एक निश्चित नियुक्ति प्रक्रिया के तहत प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में एक पारदर्शी तरीके से की गई, लेकिन यह सभी अध्यापक अभी भी अपनी नियमितीकरण को तरस रहे हैं।