सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग नीति लाएगी सरकार, 85 हजार करोड़ निवेश का लक्ष्य
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नए बजट सत्र में सरकार प्रदेश में अधिक से अधिक पूंजी निवेश करवाने के उद्देश्य से नई सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग नीति लाएगी। सरकार ने इन्वेस्टर मीट से प्रदेश में 85 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है। हालांकि, सरकार ने नए बजट में औद्योगिक विकास के लिए बजट प्रावधान नहीं किया है।
सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए नई नीति लाने के साथ यह सुनिश्चित करेगी कि तीन सौ से अधिक लोगों को रोजगार दिया जा सके। इस नीति का केंद्र महिला उद्यमी, हिमाचली युवाओं और सेवा आधारित उद्योग होंगे।
सरकार मध्यम और बड़े उद्योगों को भी प्रोत्साहित करेगी। बशर्ते, वे 300 से अधिक हिमाचली लोगों को रोजगार देंगे। कांगड़ा जिले के चन्नौर, बिलासपुर के गेहड़वीं तथा ऊना के बसौली बनगढ़ में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।
यहां बनेंगे फूड पार्क
ऊना के पंडोगा, कांगड़ा के कंदरौड़ी, सोलन के अडूवाल नामित फूड पार्कों में लगने वाली खाद्य एग्रो प्रोसेसिंग इकाइयां रिआयत ऋण लेने के लिए पात्र होंगी। इन इकाइयों को 50 फीसदी अनुदान मिल पाएगा। व्यापार में सुगमता को उच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
इन्वेस्टर मीट से युवाओं रोजगार मिलने का अनुमान लगाया गया है। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत आवेदन की उम्र 352 से 40 साल होगी। अधिकतम परियोजना लागत 40 लाख से 60 लाख होगी।
मुख्यमंत्री दस्तकार सहायता योजना के तहत 30 हजार रुपये के औजार खरीदने को 75 फीसदी अनुदान मिलेगा। बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़कों के उन्नयन के लिए विश्व बैंक से राशि जुटाई जाएगी। खनन के पट्टों के लिए आन लाइन आवेदन मांगे जा रहे हैं।