हिमाचल विधानसभा सत्र: सुक्खू बोले- गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण की मुआवजा राशि पर अभी अंतिम फैसला नहीं
सुक्खू कांगड़ा के कांग्रेस पवन काजल की ओर से सदन में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए उनके सारे ही ड्रीम प्रोजेक्ट हैं।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि गगल एयरपोर्ट की पट्टी के विस्तारीकरण वाली जमीन के लिए अभी मुआवजा राशि पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यह ध्यान रखा जाएगा कि जमीन का सही मुआवजा मिले। अभी इसमें बहुत पैसा खर्च होने वाला है। यह एयरपोर्ट भी बनेगा और बल्ह वाले एयरपोर्ट में भी आगे बढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन के अलावा हिमाचल प्रदेश के पास कुछ नहीं है। विधायक पवन काजल किसी को कम मुआवजा मिलने का मामला सरकार के ध्यान में लाएंगे तो समाधान निकाला जाएगा। सुक्खू कांगड़ा के कांग्रेस पवन काजल की ओर से सदन में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए उनके सारे ही ड्रीम प्रोजेक्ट हैं। एक चरण में ही पूरा अधिग्रहण होगा। सामाजिक प्रभाव को देखते हुए उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। सुक्खू ने कहा कि विशेष भू-अधिग्रहण इकाई की स्थापना की गई है। मुआवजा दिलाने की प्रकिया जल्दी पूरी की जाएगी। आईआईटी रुड़की और अन्य संस्थाएं इस एयरपोर्ट की लागत का मूल्यांकन कर रहे हैं। भविष्य में कांगड़ा में पर्यटन और रोजगार कैसे मिले, यह भी देखा जा रहा है। सुक्खू ने कहा कि जमानाबाद के आसपास अधिग्रहण किया गया है। जहां पानी लगती जमीन है, वहां अच्छा मुआवजा दिया जाएगा।
हवाई पट्टी को लंज के साथ बनाओ : काजल
विधायक पवन काजल ने कहा कि गगल हवाई अड्डे या पट्टी के बारे में कहा कि जिला कांगड़ा को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की बात हो रही है। गगल बाजार में करीब 700 व्यापारी कारोबार करते हैं। जब वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री थे, तो वह भी कहते थे कि पट्टी का विस्तार तो ठीक है, मगर जब यहां परिवार उजड़ेंगे तो उनका क्या करेंगे। अब 1500 परिवार उजड़ रहे हैं तो उनका क्या किया जा रहा है। परिवारों को उजाड़कर कैसे कांगड़ा को विकसित किया जाएगा। बड़े-बड़े नेता तो पहले भी सरकार को प्रस्ताव देते थे कि इसका विस्तार किया जाए। भू-माफिया और बड़े-बड़े लोग हवाई अड्डे के विस्तार की बात कर रहे हैं। उनका सुझाव है कि हवाई पट्टी लंज के साथ बनाओ, वह भी आबाद हो जाएगा। वहां न ही कोई उजड़ेगा। बसे बसाए लोगों को न उजाड़ा जाए।
पौंग बांध के पास ईको सेंसिटिव जोन को घटाया जाएगा : सुक्खू
मुख्यमत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि ब्यास नदी के आसपास बसे लोगों को दो तरह से परेशानी हुई। पहले पौंग बांध से उजाड़ा गया। अब पौंग बांध के आसपास ईको सेंसिटिव जोन बनाई गई है। उन्होंने कहा कि ईको जोन बनाकर इसे उजाड़ने की बात उन्हें विधायक होशियार सिंह के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव से ही मालूम हुई है। राज्य सरकार इस संबंध में जारी ड्राफ्ट अधिसूचना की समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि ईको सेंसिटिव जोन को कम कर घटाया जाएगा। जब वहां वाणिज्यिक गतिविधियों को नहीं बढ़ाया जाएगा तो पर्यटन कैसे आएगा। सीएम सुक्खू ने विपक्ष की ओर इशारा कर कहा कि यह सब इनकी सरकार का ही किया धरा है।
शुक्रवार को सदन में देहरा के निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया तो इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ईको सेंसिटिव जोन अभयारण्य (सेंक्चुरी) के पास घोषित करने का मकसद पर्यावरण संरक्षण है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार सरकार अगर अधिसूचित भी न करें तो भी दस किलोमीटर का दायरा ईको सेंसिटिव जोन माना जाता है। ड्राफ्ट अधिसूचना में प्रदेश में चार वन्य अभयारण्यों को घोषित किया जा चुका है। इनमें पौंग अभयारण्य भी एक है।
हिमाचल के नाम की जाए बीबीएमबी की जमीन : होशियार
विधायक होशियार सिंह ने कहा कि 25 हजार परिवार पौंग बांध में उजड़े हैं। आज तक मुआवजा नहीं मिला। राजस्थान से हिमाचलियों को भगाया गया। आठ महीने पौंग में कोई पंछी नहीं होता। वन्य प्राणी अभयारण्य में लावारिस पशु होते हैं। अगर कोई किसान वहां खेती करे तो उसका विरोध किया जाता है। वन विभाग बताए कि यहां पर आज तक कितने पर्यटक आ गए। होशियार सिंह ने कहा कि ईको सिस्टम जोन पौंग बांध में लागू होगी कि नहीं। होशियार सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था की समस्या आएगी और लोग आने वाले वक्त में सड़कों पर उतरेंगे। बीबीएमबी के नाम पर जो जमीन है, उसे हिमाचल के नाम किया जाए। यह जनहित का मामला है। लोगों में बहुत रोष है। लोगों को खेतीबाड़ी से रोका जा रहा है।
होम्योपैथिक एम्स खोलने का मामला केंद्र के विचाराधीन : हर्षवर्धन
आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों के 22 पद भरने रही है। इसके अलावा पहले से स्वीकृत चिकित्सा अधिकारियों के 14 पदों में से 3 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह जानकारी विधायक राजेंद्र राणा और आशीष शर्मा की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि केंद्र प्रायोजित होम्योपैथिक एम्स खोलने के संबंध में मामला केंद्र सरकार के समक्ष 18 जनवरी, 2020 को उठाया था। तदोपरांत आयुष मंत्रालय के सलाहकार की ओर से होम्योपैथिक एम्स की स्थापना के लिए वांछित दस्तावेज उपलब्ध करवा दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार विभाग की ओर से 740 आयुर्वेद आयुष वेलनेस सेंटर अधिसूचित किए गए हैं। इसमें 362 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष वेलनेस सेंटर में स्तरोन्नत किया गया है।
क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में 19 आरोपी गिरफ्तार
शिमला। हिमाचल प्रदेश में क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में अब तक एसआईटी ने 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह जानकारी भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। सीएम ने कहा कि प्रदेश में डोकोडोमो और फोरेक्स ट्रेडिंग स्कैम का कोई भी मामला दर्ज नहीं है।
केएनएच में प्रतिदिन 2-3 नवजात पीलिया से ग्रसित
बीते तीन वर्षों में कमला नेहरू अस्पताल शिमला में 15 नवंबर, 2023 तक 67 गर्भवती महिलाओं और 2646 नवजात बच्चों में पीलिया के मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने यह जानकारी विधायक दीप राज की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। अस्पताल में प्रतिदिन 2 से 3 नवजात शिशुओं में पीलिया के मामले आ रहे हैं।
चंबा मेडिकल काॅलेज में उपकरण और सुपर स्पेशिलिस्ट डाॅक्टर का अभाव
चंबा मेडिकल काॅलेज में उपकरण और सुपर स्पेशिलिस्ट डाॅक्टरों का अभाव है। मेडिकल काॅलेज से 1489 मरीजों को बाहरी राज्यों के अस्पतालों के लिए रेफर किया गया। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने यह जानकारी विधायक जनक राज की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
प्राकृतिक आपदा में पीडब्ल्यूडी को 2490.40 करोड़ का नुकसान
प्राकृतिक आपदा के दौरान हिमाचल के 68 विधानसभा क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग को 2490.40 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसमें 312 करोड़ रुपये का नुकसान एनएचएआई के कारण हुआ है। प्राकृतिक आपदा के चलते 4251 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह जानकारी विधायक होशियार सिंह और राकेश जम्वाल की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्रों में नुकसान की भरपाई के लिए 23189.15 लाख रुपये की राशि जारी की गई है।