हिमाचल विधानसभा सत्र: कांग्रेस विधायक काजल को मंत्री महेंद्र ने कह दिया सदन का ठेकेदार, हंगामे के बाद विपक्ष ने किया वाकआउट
जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा कांगड़ा से कांग्रेस के विधायक पवन काजल को सदन का ठेकेदार कहने पर हंगामा मच गया। कांग्रेस विधायकों ने इसके विरोध में पहले वेल में जाकर नोरबाजी की। इसके बाद सदन से वाकआउट कर बाहर चले गए।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा कांगड़ा से कांग्रेस के विधायक पवन काजल को सदन का ठेकेदार कहने पर हंगामा मच गया। कांग्रेस विधायकों ने इसके विरोध में पहले वेल में जाकर नोरबाजी की। इसके बाद सदन से वाकआउट कर बाहर चले गए। विधायक काजल बजट पर चर्चा के दौरान जलजीवन मिशन में मिलने वाले बजट में कांगड़ा और अन्य जिलों से भेदभाव और मंडी को ऊपर रखने के अलावा डिपुओं में मिलने वाली खराब दालों और सैंपल फेल हुए तेल को उपभोक्ताओं को देने की बात उठा रहे थे।
विधायक ने कहा जलजीवन मिशन के तहत 2800 करोड़ के बजट में मंडी के लिए 1200 करोड़ रुपये रखे, जबकि प्रदेश के सबसे बड़ जिले कांगड़ा को मात्र 800 करोड़ दिए गए। बाकी जिलों से भी भेदभाव किया। विधायक ने कहा कि बरसात में कांगड़ा विधानसभा की 15 पंचायतों को भारी नुकसान हुआ। मकान ध्वस्त हुए, कूहलें, श्मशानघाट टूट गए, लेकिन सरकार ने आज तक उनका जीर्णोद्धार नहीं करवाया।
इस बीच जलशक्ति मंत्री ने विधायक काजल को कहा कि आप क्या सदन के ठेकेदार हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार जल जीवन मिशन पर श्वेतपत्र जारी करे। इस पर मंत्री ने कहा विपक्ष हर बात पर श्वेतपत्र की मांग करता है। अग्निहोत्री ने कहा कि विधायक सदन के चुने हुए नुमाइंदे हैं और जनता की बात सदन में उठा सकते हैं। मंत्री का सदन में विधायक काजल को ठेकेदार कहना आपत्तिजनक है। इसके बाद सदन में मंत्री महेंद्र और अग्निहोत्री के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुछ ही देर में सदन का माहौल पूरी तरह से गरमा गया। विपक्ष के सदस्य वेल में आकर मंत्री के सामने नारेबाजी करने लगे। इस बीच अध्यक्ष विपिन परमार ने सदस्यों को अपनी सीटों पर जाने को कहा, जब वे नहीं माने तो उन्होंने चर्चा को जारी रखते हुए विधायक नरेंद्र ठाकुर को बोलने का मौका दिया। इसके बाद विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते हुए वाकआउट कर गए।
चुनावी साल के बजट सत्र में विधानसभा में टूट रहीं मर्यादाएं, तू-तड़ाक पर उतरे माननीय
चुनावी वर्ष में चल रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष जुबानी हमलों से मर्यादाएं तोड़ रहे हैं। ‘माननीय सदस्य’ कहकर संबोधित करने के बजाय कई सदस्य तो एक-दूसरे के खिलाफ हमलावर होते हुए तू-तड़ाक पर उतर आए हैं। मंगलवार को जहां राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कांगड़ा से कांग्रेस विधायक पवन काजल को निशाने पर लिया तो नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री भी मंत्री पर तीखे जुबानी हमले पर उतर आए।
दोनों ओर से अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का मुद्दा उठा। यही हालात पिछले कई दिनों से बने हुए हैं। कभी विधायकों को खलड़ी में रहने की सलाह दी जा रही है तो कभी किसी और मसले पर तू-तड़ाक से वाक्युद्ध शुरू हो रहा है। स्पीकर विपिन सिंह परमार के बार-बार टोकने के बावजूद कई विधानसभा सदस्य अपना आपा खो रहे हैं। इससे सदन की मर्यादाएं तार-तार होती नजर आ रही हैं।