तीन साल में अवैध कटान के 6696 मामले, विधानसभा में हुआ खुलासा
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प्रदेश के जंगलों में बीते तीन वर्ष में धड़ल्ले से पेड़ों का अवैध कटान हुआ है। विधायक विनोद कुमार और सुखराम के संयुक्त सवाल पर सदन में चर्चा नहीं हुई, लेकिन वन मंत्री के लिखित जवाब से इसका खुलासा हुआ है।
लिखित जवाब में बताया गया कि 6696 अवैध कटान के मामले वीरभद्र सरकार के अंतिम तीन वर्षों में सामने आए, जबकि 306 मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि 2014-15 से वर्ष 2016-17 तीन सालों में प्रदेश में 6696 अवैध कटान के मामले सामने आए है। इनमें 6285 मामलों में कंपाउंड फीस वसूली गई।
2014-15 में 2657, 2015-16 में 2415 और वर्ष 2016-17 में 1213 मामलों में कंपाउंड राशि वसूली गई। तीन सालों में 306 मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। 116 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
तीन विभागों के जिम्मे फसलों की सुरक्षा
कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से किसानों की फसलों को बचाने के लिए कृषि, पशुपालन और वन विभाग प्रयासरत हैं। फसलों की सुरक्षा के लिए विभाग ने मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना वर्ष 2016-17 से शुरू की।
इसके तहत फसलों को बचाने के लिए अनुदान आधारित सोलर फेंसिंग लगाने का प्रावधान किया गया है। मारकंडा ने यह जानकारी विधायक मुलख राम, रमेश चंद धवाला और राजेंद्र राणा के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
वन विभाग की ओर से उठाए गए प्रावधान
- जंगली जानवरों की आबादी का प्रबंधन
- बंदरों की नसबंदी कार्यक्रम
- बर्मिग घोषणा के तहत चिन्हित क्षेत्रों में बंदरों की मारने के लिए प्रोत्साहन राशि का प्रावधान
पशुपालन विभाग की ओर से उठाए गए कदम
- आवारा पशु प्रबंधन कार्यक्रम
- गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से आवारा पशुओं के लिए गौ सदन का निर्माण
गोसेवा सदन के लिए बनेगी पॉलिसी
पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया कि सरकार गोसेवा सदन के लिए पॉलिसी बना रही है। सरकार की पहली मंत्रिमंडल बैठक में इसको लेकर सब कमेटी गठित की गई थी। उन्होंने कहा कि जब गाय दूध देना बंद कर देती है तो लोग उसे बेसहारा छोड़ देते हैं।
बेसहारा गाय के साथ बैलों की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सरकार शीघ्र गो सेंक्चुरी के अलावा गौशालाएं बनाएगी। मंत्री ने यह जानकारी भाजपा विधायक बलबीर सिंह के प्रश्न के उत्तर में दी।
सदन के पटल पर रखी जाएगी कैग रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का वीरवार को समापन होगा। छह मार्च को शुरू हुए सत्र का पांच अप्रैल को समापन होने जा रहा है। ये जयराम सरकार का पहला बजट सत्र है। हिमाचल की तेरहवीं विधानसभा का ये दूसरा सत्र है।
कार्यसूची के बाद 11 बजे शुरू होने जा रहे सत्र के अंतिम दिन सदन में पहले रोजाना की तरह प्रश्नकाल होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से सदन के पटल पर नियंत्रण एवं महालेखा परीक्षक (कैग) रिपोर्ट रखी जाएगी।
इसमें पिछले कुछ समय में विभागों, बोर्डों, निगमों आदि के वित्तीय लेखों-जोखों में अनियमितताओं के मामले भी उजागर होंगे। फिर सदन में मुख्य सचेतक के वेतन-भत्ते बढ़ाने, पुलिस विधेयक और कलस्टर विश्वविद्यालय से संबंधित तीन विधेयकों का पारित किया जाएगा।
वीरवार को ही प्राइवेट मेंबर्स डे भी रखा गया है। इस अवसर पर विधायकों की ओर से जंगली जानवर, सौर ऊर्जा नीति, खनन नीति बनाने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष सदन की बैठकों की संख्या का संक्षिप्त हवाला देंगे। बाद में राष्ट्रगान के साथ सत्र का समापन भी हो जाएगा।