यहां नहीं खुलेगा मेडिकल विश्वविद्यालय, पूर्व सीएम वीरभद्र ने की थी घोषणा
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मंडी जिले के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में अभी कोई विश्वविद्यालय स्थापित नहीं होगा। यह बात जयराम सरकार के स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने शीतकालीन सत्र से समापन के बाद ‘अमर उजाला’ से कही। उन्होंने कहा कि नेरचौक में अभी मेडिकल कॉलेज शुरू किया गया है।
यहां अभी कोई विश्वविद्यालय खोलने की मंशा नहीं है। 26 फरवरी 2017 को अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के शुभारंभ पर पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने ऐतिहासिक पड्डल मैदान की जनसभा में मंडी में मेडिकल विश्वविद्यालय खोलने का एलान किया था।
उसके बाद नेरचौक मेडिकल कॉलेज को ईएसआईसी से प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के अधीन करने की प्रक्रिया चल रही थी। स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि सूबे में स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ की जाएंगी। साथ ही 200 डॉक्टरों के पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें आयुर्वेद चिकित्सक भी शामिल हैं।
डॉक्टर तुरंत रेफर न करें मरीज
स्वास्थ्य मंत्री ने सूबे के सभी नागरिक, सामुदायिक और प्राथमिक अस्पतालों में तैनात डाक्टरों से आह्वान किया कि वे तुरंत मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर ने करें।
पहले अच्छी तरह प्राथमिक उपचार दें, अगर कोई ज्यादा बीमार है तो ऐसी स्थिति में मरीज को रेफर करें, क्योंकि कई छोटे अस्पतालों से ऐसे ही मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने के मामले सामने आ रहे हैं।
टांडा और आईजीएमसी में सुधरेंगे हालत
प्रदेश के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज शिमला और टांडा में स्वास्थ्य सुविधाएं सुधारी जाएंगी। टांडा में मातृ-शिशु वार्ड सहित अन्य वार्डों में बेडों की संख्या अधिक करने पर विचार चल रहा है। वहीं, आईजीएमसी शिमला में भी सेवाएं सुदृढ़ की जाएंगी।