निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए चुनाव चिन्ह की सूची जारी, जानिए किसको क्या मिला
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विधानसभा चुनाव के दौरान निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए चुनाव आयोग ने अजीबो-गरीब चुनाव चिन्ह तय किए हैं। बेबी वॉकर से लेकर एयर कंडीशनर, बल्ला, अलमारी, चूड़ियां, टार्च सरीखे रोजमर्रा इस्तेमाल के सामान को आयोग ने चुनाव चिन्ह के तौर पर तय किया है।
प्रत्याशियों ने भी अपने नामांकन पत्रों में इसी तरह के 142 चुनाव चिन्हों में से तीन को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किया है। अब नामांकन पत्रों की जांच के बाद आयोग प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित करेगा।
चुनावी मैदान में इस बार निर्दलीय व पंजीकृत राजनीतिक दल के प्रत्याशी एयर कंडीशनर से लेकर बल्ला और बल्लेबाज बनकर उतरेंगे। सोमवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही चुनाव चिन्हों की सूची भी जारी कर दी है।
ये चुनाव चिन्ह किए जारी
आयोग ने 142 चुनाव चिन्ह जारी किए हैं जिनमें एयर कंडीशनर से लेकर चूड़ियां, बेबी वॉकर, अलमारी, आटो रिक्शा, बैटरी टार्च तक शामिल हैं। इन निशुल्क आवंटन वाले चुनाव चिन्हों का आवंटन आयोग नाम वापसी के बाद करेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की निशुल्क चुनाव चिन्ह की सूची में कुछ बदलाव किए गए हैं। इनमें नारियल चुनाव चिन्ह को हटा दिया गया है। वहीं, कुछ चुनाव चिन्हों को कुछ प्रदेशों के अलावा अन्य प्रदेशों के लिए मान्य रखा गया है।
बताया कि चुनाव चिन्हों का आवंटन प्रत्याशी के आवेदन पर किया जाएगा। इसमें भी अगर एक या एक से ज्यादा प्रत्याशी किसी एक चुनाव चिन्ह के लिए आवेदन करते हैं तो उसे पहले आवेदन करने वाले प्रत्याशी को आवंटित किया जाएगा।
ऐसे भी हैं चुनाव चिन्ह
चुनाव आयोग ने स्वतंत्र चुनाव चिन्हों के तौर पर इस बार गैस सिलेंडर, गैस स्टोव, ब्लैक बोर्ड, बोतल बक्सा, ग्रामोफोन, अंगूर, नेल कटर, मूंगफली, पेन निब, सात किरणें, माचिस की डिब्बी, पानी गरम करने की रॉड, नूडल्स से भरा कटोरा, हेड फोन, प्रेशर कुकर और रोड रोलर जैसे कई चुनाव चिह्न जारी किए हैं।
मान्यता प्राप्त दलों के पास हैं अपने चुनाव चिन्ह
भाजपा, बसपा, भाकपा, माकपा, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर सात मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं। इसके अलावा 46 राजनीतिक दल राज्य के स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं। इन सभी राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर रिजर्व चुनाव चिह्न हैं।
वीवीपीएटी से बढ़ेगा मतदाताओं का विश्वास : मुख्य सचिव
निर्वाचन विभाग की ओर से राज्य सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारियों वीवीपीएटी मशीन की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। मंगलवार को आयोजित कार्यशाला में मुख्य सचिव वीसी फारका ने कहा कि वीवीपीएटी मशीन के इस्तेमाल से मतदाताओं का चुनाव प्रक्रिया में और विश्वास सुदृढ़ होगा और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी।
वीवीपीएटी के माध्यम से मतदाता उसके डाले गए वोट के सत्यापन के बारे में मशीन में देखकर प्रमाण जान सकता है। संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. सोनिया ठाकुर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रत्येक पोलिंग बूथ में इसका इस्तेमाल किया जाएगा।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव तरूण कपूर, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, प्रधान सचिव विधि बलदेव सिंह, सचिव डा. पूर्णिमा चौहान, सचिव सुनील चौधरी तथा ओएसडी (निर्वाचन) नीरज शर्मा भी उपस्थित थे।