हिमाचल विस चुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने इन चेहरों पर खेला है दाव
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हिमाचल विस चुनाव के नतीजों को आने में अब कुछ घंटे ही बाकि बचे है। नतीजों से पहले जानिए कि कांग्रेस और भाजपा ने सता हासिल करने के लिए किन चेहरों पर दाव खेला है।
प्रदेश में सत्ता पर काबिज होने के लिए भाजपा ने नए चेहरों पर दांव खेला है तो कांग्रेस पुराने चेहरों के भरोसे है। चुनावी समर में 21 नए चेहरों को उतारने वाली भाजपा की टक्कर में कांग्रेस ने 10 को मौका दिया है।
वीरभद्र सिंह की कमान में 31 विधायकों को मौका देने वाली कांग्रेस ने सांसद विप्लव ठाकुर, नीरज की जगह चंद्र कुमार, गंगूराम मुसाफिर, हरभजन सिंह भज्जी जैसे अनुभवी उतारे हैं।
भाजपा ने परंपरागत फॉर्मेट को तोड़ा है
राहुल गांधी ने वीरभद्र को चुनावी कमान सौंपने के बाद भी अपना दखल रखा है। सीएम वीरभद्र सिंह अर्की सीट से चुनाव मैदान में है। वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य को शिमला ग्रामीण से लड़ रहे हैं।
जिताऊ प्रत्याशियों की तलाश भाजपा में कई चेहरे पर आकर खत्म हुई। पुराने चेहरों को तरजीह से पुरानों के समर्थकों की बगावत की परवाह भी पार्टी नेतृत्व ने नहीं की।
चयन के परंपरागत फॉर्मेट को दरकिनार कर नेतृत्व ने कांग्रेस से चेहरे लेने और चार सिटिंग विधायकों को बाहर किया गया। मंडी में अनिल शर्मा तो चंबा में पवन नैय्यर आए।
लगभग एक दर्जन सीटों पर सोलन, बिलासपुर, अर्की, फतेहपुर, नगरोटा, जयसिंहपुर, डलहौजी, गगरेट, भोरंज में संघ की चली है। सांसद शांता कुमार के घर पालमपुर से इंदु गोस्वामी को मौका दिया, जबकि नेता प्रतिपक्ष धूमल को हमीरपुर से उठा सुजानपुर की नई सीट पर उतार दिया।