एकमात्र नेता जिन्हें हर बार टिकट ऑफर करती है पार्टी, इस बार भी नहीं लड़ेंगे चुनाव
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इसे इनकी दरियादिली कहें या लोगों की सेवा करने का जुनून। हिमाचल प्रदेश से एकमात्र नेता हैं जिन्हें हर बार पार्टी आखिर तक टिकट ऑफर करती हैं लेकिन ये चुनाव नहीं लड़ते। जी हां, स्टेट कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष हर्ष महाजन ने इस बार भी चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। यह कयास लगाए जा रहे थे कि हर्ष महाजन चंबा सदर सीट से चुनाव लड़ेंगे।
इससे उनके समर्थकों में मायूसी छा गई है। हालांकि उन्होंने टिकट के लिए आवेदन भी नहीं किया था लेकिन यह प्रदेश के एक मात्र ऐसे नेता हैं जो कभी भी टिकट नहीं मांगते और पार्टी उन्हें तब भी आखिरी तक टिकट ऑफर करती है। हर्ष महाजन इस बार भी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का चुनाव प्रभार और प्रचार देखेंगे।
साल 2009 लोकसभा चुनाव में भी वह सीएम के चुनाव प्रभारी थे इसके बाद शिमला ग्रामीण में भी इंचार्ज थे और अब ठियोग विधानसभा क्षेत्र में भी हर्ष महाजन को ही मुख्यमंत्री के चुनाव का प्रभार सौंप दिया गया है। यह जिम्मेदारी इसलिए दी गई है क्योंकि साल 2013 के विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाने में हर्ष महाजन का सबसे बड़ा योगदान रहा है।
लगातार तीन चुनाव जीते फिर छोड़ दी इलेक्ट्रोल पॉलिटिक्स
हर्ष ने साल 1993 में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था तब से लेकर लगातार साल 2003 तक तीन विधानसभा चुनाव जीते यही इनका आखिरी चुनाव भी था। इन्हीं के नाम प्रदेश यूथ कांग्रेस अध्यक्ष का नौ साल तक बने रहने का भी रिकॉर्ड है।
उस समय इनके छाया में पले बड़े यूथ कांग्रेस के प्रोडेक्ट आज मंत्री और विधायक हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू एक बड़ा उदाहरण हैं। कई अह्म विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
पहली बार चुनाव जीतने पर इन्हें संसदीय सचिव बनाया गया जिसके तहत कई महत्वपूर्ण विभागों में काम किया। आवास, पशु पालन और मत्स्य विभाग के मंत्री भी रहे।
मौजूदा में यह बैंक में निर्वाचित चैयरमैन हैं और राष्ट्रीय को-ऑपरेटिव सोसायटी के उपाध्यक्ष भी हैं। श्रीराम कालेज से बीकॉम आनर्ज और एमबीए की पढ़ाई की है।
पिता भी 20 साल रहे हैं स्पीकर और मंत्री
हर्ष महाजन के पिता भी प्रदेश में 20 साल तक विधानसभा स्पीकर और मंत्री रह चुके हैं। चंबा से चुनाव न लड़ने के फैसले पर जब उनसे बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह इलेक्ट्रोल पालिटिक्स से दूर है।
चंबा मेरी जन्म भूमि है और वहां के लोगों के लिए हमेशा समर्पित रहूंगा। भविष्य में भी उनके काम करता रहूंगा। चंबा के लोगों का काम करते हुए मुझे असीम खुशी मिलती है।
चाहे वो किसी भी पार्टी का क्यों न हो। इस बार भी मुझे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के चुनाव की जिम्मेदारी मिली है जिसे मैं पूरी निष्ठा से निभाऊंगा। - हर्ष महाजन, चेयरमैन, स्टेट कोऑपरेटिव बैंक