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विधानसभा बजट सत्र: दो पूर्व विधायकों के निधन पर विधानसभा में जताया शोक
Mon, 04 Feb 2019 06:39 PM IST
ashok chauhan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: ashok chauhan
Updated Mon, 04 Feb 2019 06:39 PM IST
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प्रदेश विधानसभा में सोमवार को बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद दो पूर्व विधायकों के निधन पर शोक जताया गया। शिलाई के पूर्व विधायक जगत सिंह नेगी और कसुम्पटी के पूर्व विधायक शौंकिया राम के निधन पर सदन में सदस्यों ने दो मिनट का मौन भी रखा।
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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने भी सदन में शोक जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व विधायकों के निधन से हुई क्षति की पूर्ति नहीं हो सकेगी। जगत सिंह नेगी 1975 से आपातकाल में लोकदल नेता रहे और 1990 में पहली बार शिलाई से विधायक चुनकर आए।
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वकालत करने के साथ नेगी सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे और अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 1973 में खोदरी मजदूर आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। गत 17 दिसंबर, 2018 को 71 साल की उम्र में निधन हुआ।
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पूर्व विधायक शौंकिया राम कसुम्पटी से वर्ष 1972 और 1985 में दो बार विधायक चुने गए। इससे पहले शौंकिया राम राज्य सहकारी बैंक में सेवारत रहे और सहकारिता क्षेत्र में अपनी सेवाएं देते रहे। बीमारी के कारण गत 3 फरवरी, 2019 को शौंकिया राम का निधन 81 साल की उम्र में हुआ।
कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इस शोक सभा में अपने दल के सदस्यों को शामिल करता हूं। सत्र के कारण अधिकांश सदस्य शौंकिया राम के अंतिम संस्कार में हिस्सा नहीं ले पाए।
विधायक के तौर पर उन्होंने दस साल तक अपनी सेवाएं दीं। जगत सिंह नेगी 1990 में विधायक बने और सरकार अल्प अवधि की रही। विधायक हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि जगत सिंह दमदार स्वभाव के थे।
वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कंडियारी का नया भवन शीघ्र बनाया जाए और उसे जगत सिंह नेगी के नाम पर रखा जाए। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक राकेश सिंघा, अनिरूद्ध सिंह और सुखराम चौधरी ने कहा कि दोनों विधायकों के निधन से क्षति हुई है।