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एसआईटी देखे परवाणु में वाहनों न होने अवैध वसूली: हाईकोर्ट
Wed, 20 Mar 2019 10:19 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 20 Mar 2019 10:19 AM IST
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प्रदेश हाईकोर्ट ने परवाणू कैंटर यूनियन विवाद से जुड़े मामले में सरकार की ओर से गठित एसआईटी को आदेश दिए कि वह परवाणू में ट्रांसपोर्ट गाड़ियों के संचालन पर नजर रखे और सुनिश्चित करे कि उस क्षेत्र में किसी भी गाड़ी से अवैध वसूली न हो।
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सरकार के अनुसार तीन सदस्यीय एसआईटी में पुलिस महानिदेशक, जिलाधीश सोलन और पुलिस अधीक्षक सोलन को रखा गया है। सरकार के अनुसार परवाणू में प्रशासनिक बॉडी का गठन भी किया गया है जो परवाणू में ट्रांसपोर्ट गाड़ियों के दैनिक कार्यों पर नजर रखेगी।
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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने विनोद अत्री ट्रक ऑपरेटर की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के बाद ऐसे आदेश पारित किए। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया था कि जिला प्रशासन परवाणू यूनियन की लड़ाई में विवश दिख रहा है।
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कोर्ट ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि ट्रक यूनियनों से जुड़े सदस्य अगर किसी भी तरह की कानूनी बाधा उत्पन्न करते हैं तो उन्हें तुरंत हिरासत में लिया जाए और उनके वाहनों को भी जब्त किया जाए।
कोर्ट ने एसआईटी को आदेश दिया है कि विवादित ट्रक यूनियनों की ओर से सितंबर 2018 में लड़ाई के दौरान आम जनता, कर्मचारियों व इंडस्ट्रियल यूनिट को पहुंचाए नुकसान की रिपोर्ट बनाकर कोर्ट के समक्ष पेश करे।
सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि परवाणू में दो ट्रक यूनियनों की आपसी लड़ाई में अन्य ट्रक ऑपरेटर्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि सितंबर 2018 में परवाणू के दो ट्रक ऑपरेटर्स में विवाद उपज गया था जिसके बाद काफी निजी वाहनों, इंडस्ट्रीयल यूनिट और रिहायशी इलाकों को नुकसान हुआ था। मामले पर सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।