स्कूल वर्दी आवंटन में देरी पर सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 8.55 लाख विद्यार्थियों को अटल स्कूल वर्दी आवंटन में देरी पर हिमाचल हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने सरकार से स्मार्ट वर्दी देने में हो रही देरी का कारण पूछा है। मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र पर संज्ञान लेते हुए सरकार को नोटिस जारी हुआ है।
शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया है कि हाईकोर्ट को जल्द ही नोटिस का जवाब भेजा जाएगा। विद्यार्थियों को मिलने वाली स्मार्ट वर्दी को लेकर सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन ने 18 मई को ई निविदाएं आमंत्रित की थीं। इसमें छह कंपनियां शामिल हुईं।
निविदा में सभी प्रतिभागी पार्टियाें के जमा करवाए सैंपलों की जांच लैब से करवाई गई। सभी सैंपल सही पाए गए। 16 जुलाई को वित्तीय निविदा खोली गई। वित्तीय निविदा में मैसर्ज मफतलाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड की दरें सबसे कम पाई गईं।
इंपावर कमेटी के निर्देशों के अनुसार निगम ने मफतलाल इंडस्ट्रीज के साथ सहमति जताई। इसके बाद जो दरें प्राप्त हुईं, उन्हें पहली अगस्त को शिक्षा विभाग को स्वीकृति के लिए भेजा।
छात्राओं को तीन रंग की चेकदार वर्दी
इसके बावजूद अभी तक फाइल ठंडे बस्ते में है। अफसरशाही की इस देरी का लाखों स्कूली बच्चों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। सरकार ने इस बार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से जमा दो कक्षा के 8.55 लाख विद्यार्थियों को निजी स्कूलों की तर्ज पर कलरफुल वर्दी देने का फैसला लिया है।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने वर्दी की खरीद का जिम्मा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम को सौंपा है। इस सत्र में वर्दी मिलने की संभावना कम ही लग रही है।छात्राओं को तीन रंग की चेकदार वर्दी छात्राओं के लिए लाल, काले और सफेद रंग की चेकदार वर्दी मंजूर की है।
छठी से बारहवीं तक की छात्राओं को दुपट्टा भी मिलेगा। लड़कों के लिए ग्रीन रंग की पैंट और ग्रीन रंग की चेक शर्ट होगी। विद्यार्थियों को वर्दी के दो-दो सेट मिलेंगे। पहली से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को वर्दी की सिलाई का पैसा भी मिलेगा।