पुनर्विचार याचिका खारिज, थुनाग में ही रहेगा एसडीएम दफ्तर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल हाईकोर्ट ने जंजैहली एसडीएम कार्यालय विवाद को लेकर दायर पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। इससे थुनाग में ही एसडीएम दफ्तर बने रहने का रास्ता साफ हो गया है।
हालांकि, राज्य सरकार ने जंजैहली में 12 दिन और थुनाग में 15 दिन एसडीएम बैठने की व्यवस्था की है। पुनर्विचार याचिका खारिज होने से थुनाग में खुशी की लहर है तो सिराज संघर्ष समिति सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।
उल्लेखनीय है कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने सभी पक्षों को आपसी समझौते से इस विवाद को निपटाने को कहा था, मगर बात नहीं बनी।
जंजैहली में एसडीएम कार्यालय खोलने की अधिसूचना रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ जंजैहली निवासी चेतराम ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी।
ये है पूरा मामला
हाईकोर्ट ने 4 जनवरी 2018 को ग्राम पंचायत थुनाग की याचिका को स्वीकार करते हुए एसडीएम ऑफिस जंजैहली में खोलने संबंधित अधिसूचना को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने मंगलवार को अपने इस फैसले पर कायम रहते हुए पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी।
जंजैहली में एक महीने तक चला था प्रदर्शन
सिराज संघर्ष समिति को हाईकोर्ट के आदेशों के बाद गहरा झटका लगा है। एसडीएम कार्यालय जंजैहली को थुनाग पंचायत की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने अधिसूचना जारी कर इसे थुनाग स्थानांतरित कर दिया था।
इससे जंजैहली में बवाल मच गया था। करीब एक महीने तक माहौल तनावपूर्ण रहा। जंजैहली में प्रशासन को धारा 144 लगानी पड़ी थी। जंजैहली वासियों ने एसडीएम कार्यालय को लेकर मुख्यमंत्री की शवयात्रा तक निकाल दी थी।
बाद में सरकार को जंजैहली में 12 दिन और थुनाग में 15 दिन एसडीएम बैठने की व्यवस्था करनी पड़ी थी। हाईकोर्ट का फैसला सम्मानीय है लेकिन न्याय के लिए अब सिराज संघर्ष समिति सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। - जगदीश रेड्डी, संयोजक सिराज संघर्ष समिति