भारी बर्फबारीः अपने घरों में कैद हो गए लोग
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हिमाचल के जनजातीय इलाकों में भारी बर्फबारी के बाद कई इलाके बाहरी दुनिया से कट गए हैं। लोग घरों में बंद है जबकि बिजली और यातायात ठप पड़े हैं। इनमें लाहौल स्पीति, किन्नौर और चंबा के कबायली इलाके शामिल हैं जहां देर रात भारी हिमपात हुआ है। लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
चंबा के कबायली क्षेत्र भरमौर, होली और पांगी में भारी बर्फबारी हुई है। पांगी मुख्यालय में दो फुट, भरमौर मुख्यालय में एक फुट तो होली तहसील मुख्यालय में लगभग आधा फुट के करीब ताजा हिमपात हुआ है। बर्फबारी ने इन क्षेत्रों में जन जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है।
इससे प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की सुविधा भी नाममात्र की ही है। पर्यटन क्षेत्र डलहौजी, खज्जियार व जुम्हार की पहाड़ियों पर भी जमकर ताजा बर्फबारी हुई है। बर्फबारी से इन क्षेत्रों में यातायात पूरी से तरह से ठप है।
हाइवे बंद, बगीचों के लिए फायदेमंद
वहीं, उपरी शिमला क्षेत्र में हुए हिमपात से राष्ट्रीय राजमार्ग-22 नारकंडा में बंद हो गया है। मौसम में आए बदलाव समूचा प्रदेश शीतलहर की चपेट मे आ गया है। बारिश और बर्फबारी सेब, चैरी, बादाम के पौधों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है।
निचले इलाकों में मौसम के बदले मिजाज के बाद बागवान बगीचों के कार्यों में जुट गए हैं बागवानो के लिए यह बर्फबारी संजीवनी बन कर आई है। बागवान पौधा रोपण, खाद डालने आदि कार्यो में जुट गए हैं।
पर्यटन की दृष्टि से नारकंडा में स्कींग के लिए पर्याप्त बर्फबारी हुई है। स्कींग के शौकीन पर्यटक काफी खुश है, नारकंडा घुमने आए पर्यटक भी बर्फबारी का खुब लुत्फ उठा रहे हैं।