हिमाचल में बारिश का कहर जारी, 150 सड़कें बंद
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हिमाचल में दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। नदी नाले उफान पर हैं। शनिवार को ऊना में एक राहगीर पानी के साथ बह गया, बड़ी मुस्तैदी के साथ उसे बचा लिया गया। बारिश से मकान दरकने लगे हैं, लोगों की फसलों को नुकसान हुआ है। इधर, प्रदेश सरकार ने डीसी को भी अलर्ट कर दिया है। उन्हें बारिश से होने वाले नुकसान की रिपोर्ट तुरंत सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने हिमाचल में 16 जुलाई तक मूसलाधार बारिश की संभावना व्यक्त की है।
भारी बारिश से हिमाचल में डेढ़ सौ सड़कें यातायात के लिए बाधित हो गई है। परिवहन निगम की कई बसें सड़क में फंस गई है। परिवहन निगम ने चालकों को बस चलाते वक्त सतर्क रहने और किसी भी तरह से रिस्क न लेने की बात कही है। हिमाचल में नदी नाले उफान पर है। सरकार ने लोगों को नदी के किनारे न जाने की सलाह दी है। शनिवार को कुल्लू के सैंज -औट सड़क पर पागलनाला में मलबा आने से करीब बारह घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा।
नकदी फसलों को भारी नुकसान
यहां बारिश से घाटी में नकदी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। लोगों के घरों समेत खेतों में मलबा घुसने से काफी नुकसान हुआ है। मनाली में भी बारिश का दौर जारी है। सैलानी होटलों में ही दुबकने को मजबूर हैं। जिला किन्नौर और रामपुर में रूक रूक कर बारिश का दौर जारी रहा। बिलासपुर में मानसून कहर बनकर भरपा रहा है। सड़कों, पेयजल योजनाओं को नुकसान पहुंचने के साथ लोगों के घर भी दरकने लगे हैं।
जिले में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। कुहमझवाड़ पंचायत में बारिश की वजह से एक मकान दरक गया। रिहायशी मकान मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है। जबकि गौशाला भी गिर गई। हालांकि, अभी तक किसी तरह के जानी नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं दो दिनों की बारिश से जिला में करीब एक करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है।