फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Hearing on bail plea of accused in Technomack scam postponed

टेक्नोमैक घोटाले के आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई टली

Thu, 01 Nov 2018 06:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 01 Nov 2018 06:00 AM IST
विज्ञापन
Hearing on bail plea of accused in Technomack scam postponed

इंडियन टेक्नोमैक कंपनी के करोड़ों के घोटाले के आरोपियों में तत्कालीन आबकारी निरीक्षक दीपक सत्ती, ज्योति स्वरूप और रमेश चौहान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 15 नवंबर के लिए टल गई है। तीनों आरोपी फिलहाल अंतरिम अग्रिम जमानत पर हैं।

विज्ञापन


न्यायाधीश विवेक ठाकुर के समक्ष याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। सीआईडी की न्यायालय में दायर स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन टेक्नोमैक कंपनी लिमिटेड जगतपुर पांवटा साहिब की ओर से सरकार का लगभग 2100 करोड़ टैक्स अदा न करने पर फैक्ट्री को आबकारी एवं कराधान विभाग ने सीज किया है।
विज्ञापन

कंपनी ने जाली दस्तावेज तैयार कर और अधिक उत्पादन दर्शाकर विभिन्न बैंकों से लोन लेने के लिए षड्यंत्र रचा। इसके अतिरिक्त कंपनी प्रबंधन ने पांवटा साहिब स्थित आबकारी एवं कराधान विभाग और अन्य विभागों से मिलीभगत कर सामान और कबाड़ इत्यादि को चोरी छिपे बाहर निकाला।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके चलते सीआईडी की ओर से प्रार्थियों को जमानत दिए जाने पर विरोध जताया है। जांच एजेंसी का कहना है कि प्रार्थियों ने नमूना के हस्ताक्षर लिए जाना है, जिनका मिलान कब्जे के लिए दस्तावेजों के हस्ताक्षर के साथ करवाया जानना है।  

ये है आरोप

Hearing on bail plea of accused in Technomack scam postponed

आरोप है कि इन अधिकारियों ने पांवटा के बेहराल बैरियर पर ड्यूटी के दौरान इंडियन टेक्नोमैक कंपनी जगतपुर के जाली बिलों का इंद्राज कंपनी प्रबंधन से पैसे लेकर किया है। इस वजह से कंपनी ने इतना बड़ा फ्रॉड किया है। आरोपियों ने यह पैसा किन-किन अधिकारियों को दिया है, इस संबंध में पूछताछ की जानी है। सीआईडी की अभी तक की जांच में पाया है कि कंपनी के लिए कोई कच्चा माल बाहर से आता था तथा तैयार माल बाहर जाता था। जो बेहराल बैरियर पर उसका इंद्राज किया जाता था तथा बैरियर पर फॉर्म काटा जाता था तथा फॉर्म पर उस समय ड्यूटी पर तैनात आबकारी निरीक्षक की मुहर लगती थी। आबकारी विभाग के निरीक्षकों की यह मुहर भी नहीं मिल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed