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अवैध भवनों को नियमित करने के मामले की सुनवाई टली
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 18 Apr 2017 08:51 AM IST
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हिमाचल हाईकोर्ट
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हिमाचल हाईकोर्ट में अवैध भवनों को नियमित करने के लिए बनाए गए संशोधित कानून को चुनौती देने वाले मामले पर सुनवाई 19 अप्रैल के लिए टल गई है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस दौरान सरकार के जवाब का प्रति उत्तर देने का समय देते हुए सुनवाई बुधवार को निर्धारित करने के आदेश दिए हैं।
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मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के पश्चात ये आदेश पारित किए। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने अवैध भवनों को नियमित करने के लिए नक्शे पास करने पर रोक लगा रखी है।
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कोर्ट ने हाईकोर्ट के अधिवक्ता अभिमन्यु राठौर की जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात सरकार को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर याचिका का जवाबतलब किया था।
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24 जनवरी को सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर टीसीपी (संशोधन) अधिनियम 2016 राजपत्र में प्रकाशित किया। इस कानून को 15 जून, 2016 से लागू माना गया। इस कानून को 24 जनवरी, 2018 तक प्रभावी भी बनाया गया। इस अधिसूचना के तहत नियमितीकरण के लिए संबंधित लोगों को 60 दिनों का समय देते हुए आवेदन आमंत्रित किए गए।
यह समय अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशित होने से शुरू हुआ। इसमें ग्रीन तथा हेरिटेज क्षेत्रों में इस कानून को लागू नहीं किया गया। जो भवन इस संशोधित कानून के तहत भी नियमितीकरण को पात्र नहीं होंगे, उनके बिजली-पानी के कनेक्शन काटने और उन्हें गिराने का प्रावधान भी किया गया है।
प्रार्थी अभिमन्यु राठौर की ओर से दायर याचिका में सरकार पर आरोप है कि इस तरह के कानूनों से अवैध निर्माणों को बढ़ावा दिया जाता है। इससे ईमानदार लोग खुद को असहज महसूस करते हैं।