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एचपीवी के बारे में लोगों को जागरूक करें आशा वर्कर्स : डॉ. संजय
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सिविल अस्पताल जुन्गा में बीमारियों और टीकाकरण को लेकर हुई समीक्षा बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। सिविल अस्पताल जुन्गा में बीमारियों और टीकाकरण को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी), क्षयरोग उन्मूलन, एनसीडी, डायरिया, स्क्रब टायफस, मातृ-शिशु आदि के बारे में चर्चा की गई। बीएमओ डॉ. संजय रनौत ने आशा वर्कर को निर्देश दिए कि फील्ड में एचपीवी टीकाकरण अभियान बारे ग्रामीण क्षेत्रों में अभिभावकों को जागरूक करें ताकि सभी अभिभावक 14 से 15 वर्ष की आयु वर्ग की बेटियों को स्वेच्छा से टीका लगवाएं। उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन के बारे में कुछ लोगों की ओर से भ्रामक प्रचार किया जा रहा है जोकि गलत है। एचपीवी का टीका पूर्णतया सुरक्षित है इसके कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं।
वहीं, गर्मियों में डायरिया और स्क्रब टायफस होने की काफी संभावनाएं रहती हैं। उन्होंने आशा वर्करों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण परिवेश में लोगों को उबालकर पानी पीने तथा खेत में काम करते समय शरीर को ढककर रखने के बारे में जानकारी दें। इसके अतिरिक्त टीबी उन्मूलन और एनसीडी कार्यक्रम बारे भी फील्ड लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक में चिकित्सा प्रभारी डॉ. मनोज वर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनिका, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गरिमा, पर्यवेक्षिका सन्नी के अतिरिक्त जुन्गा, भड़ेच, डुब्लु, जनेडघाट, मैहली, मलयाणा के लोग मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। सिविल अस्पताल जुन्गा में बीमारियों और टीकाकरण को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी), क्षयरोग उन्मूलन, एनसीडी, डायरिया, स्क्रब टायफस, मातृ-शिशु आदि के बारे में चर्चा की गई। बीएमओ डॉ. संजय रनौत ने आशा वर्कर को निर्देश दिए कि फील्ड में एचपीवी टीकाकरण अभियान बारे ग्रामीण क्षेत्रों में अभिभावकों को जागरूक करें ताकि सभी अभिभावक 14 से 15 वर्ष की आयु वर्ग की बेटियों को स्वेच्छा से टीका लगवाएं। उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन के बारे में कुछ लोगों की ओर से भ्रामक प्रचार किया जा रहा है जोकि गलत है। एचपीवी का टीका पूर्णतया सुरक्षित है इसके कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं।
वहीं, गर्मियों में डायरिया और स्क्रब टायफस होने की काफी संभावनाएं रहती हैं। उन्होंने आशा वर्करों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण परिवेश में लोगों को उबालकर पानी पीने तथा खेत में काम करते समय शरीर को ढककर रखने के बारे में जानकारी दें। इसके अतिरिक्त टीबी उन्मूलन और एनसीडी कार्यक्रम बारे भी फील्ड लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक में चिकित्सा प्रभारी डॉ. मनोज वर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनिका, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गरिमा, पर्यवेक्षिका सन्नी के अतिरिक्त जुन्गा, भड़ेच, डुब्लु, जनेडघाट, मैहली, मलयाणा के लोग मौजूद रहे।
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