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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को लेकर फैसला जल्द
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Sun, 13 Sep 2015 09:59 PM IST
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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच बातचीत सिरे
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चढ़ जाती है तो दिसंबर तक नेरचौक में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज हिमाचल
सरकार को मिल सकता है। सरकार ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को सेल्फ फाइनेंस स्कीम
में चलाएगी।
रविवार को मंडी पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि नेरचौक में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को प्रदेश सरकार को सौंपने के लिए केंद्र से बात चल रही है। कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर अब तक जितना खर्च हो चुका है, उसे छोड़ने को केंद्र सरकार राजी हो चुकी है।
आगे खर्च होने वाले 280 करोड़ को सरकार दस साल में किस्तों में देगी। मेडिकल कॉलेज को चलाने से सरकार पर सालाना 25 करोड़ का आर्थिक बोझ पड़ेगा। एमसीआई के पास सरकार ने फिर सीटें बढ़ाने तथा शुरू करने के बारे में आवेदन किया है। अगर अनुमति मिलती है तो 100 सीटें एमबीबीएस की और बढ़ेंगी। 15 फीसदी सीटें एनआरआई के लिए आरक्षित रखने पर विचार किया जा रहा है।
अगर केंद्र से ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज प्रदेश सरकार को मिल जाता है तो अगले साल से इसमें एमबीबीएस कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। यूपीए सरकार के कार्यकाल में प्रदेश को मंजूर तीन मेडिकल कॉलेजों को अगले साल से शुरू करने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। कहा कि नीति आयोग बनने के बाद हिमाचल को वित्तीय मदद नहीं मिली।
मनरेगा में यूपीए के शासन के दौरान 700 करोड़ बजट का प्रावधान रहता था। अब यह कम कर 235 करोड़ कर दिया है। हिमाचल से चारों सांसद भाजपा के हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को अतिरिक्त मदद नहीं मिल रही है।
रविवार को मंडी पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि नेरचौक में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को प्रदेश सरकार को सौंपने के लिए केंद्र से बात चल रही है। कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर अब तक जितना खर्च हो चुका है, उसे छोड़ने को केंद्र सरकार राजी हो चुकी है।
आगे खर्च होने वाले 280 करोड़ को सरकार दस साल में किस्तों में देगी। मेडिकल कॉलेज को चलाने से सरकार पर सालाना 25 करोड़ का आर्थिक बोझ पड़ेगा। एमसीआई के पास सरकार ने फिर सीटें बढ़ाने तथा शुरू करने के बारे में आवेदन किया है। अगर अनुमति मिलती है तो 100 सीटें एमबीबीएस की और बढ़ेंगी। 15 फीसदी सीटें एनआरआई के लिए आरक्षित रखने पर विचार किया जा रहा है।
अगर केंद्र से ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज प्रदेश सरकार को मिल जाता है तो अगले साल से इसमें एमबीबीएस कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। यूपीए सरकार के कार्यकाल में प्रदेश को मंजूर तीन मेडिकल कॉलेजों को अगले साल से शुरू करने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। कहा कि नीति आयोग बनने के बाद हिमाचल को वित्तीय मदद नहीं मिली।
मनरेगा में यूपीए के शासन के दौरान 700 करोड़ बजट का प्रावधान रहता था। अब यह कम कर 235 करोड़ कर दिया है। हिमाचल से चारों सांसद भाजपा के हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को अतिरिक्त मदद नहीं मिल रही है।