प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिशाषी अभियंता के दौरों का रिकॉर्ड तलब
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प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड बिलासपुर के एक्सईएन की टूअर डायरी और गाड़ी की लॉगबुक की जांच के आदेश शिमला मुख्यालय से जारी हुए हैं। इसमें कहा गया है कि उक्त अधिकारी के टूअर डायरी और गाड़ी की लॉगबुक के 6 साल के रिकॉर्ड की जांच की जाए। जिससे पता लग सके की उक्त अधिकारी 6 साल में कहां कहां गए और क्यों।
कार्रवाई फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति की शिकायत पर की गई है। समिति ने शिकायत में कहा था कि उक्त अधिकारी की टूअर डायरी और लॉगबुक आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। जबकि गाड़ी में प्रयोग किए गए ईंधन की भी पुष्टि नहीं हो पा रही है। इसके अलावा आरटीआई में दिए गए रिकॉर्ड से भी छेड़छाड़ की गई है। जबकि ऑडिट किस आधार पर हुआ।
इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। 6 साल के कार्यकाल के दौरान उक्त अधिकारी जहां-जहां टूअर पर गए, वहां क्या कार्य किया। इस संबंध में एक्सईएन कार्यालय बिलासपुर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इस पर समिति ने इस संबंध में सदस्य सचिव प्रदूषण बोर्ड को शिकायत दी थी। जिस पर सदस्य सचिव प्रदूषण बोर्ड शिमला की ओर से जांच के आदेश दिए गए हैं।
समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने बताया की प्रदूषण बोर्ड के एक्सईएन ने मांगी गई सूचना देने से मना कर दिया था। बाद में अपील में जाने के बाद रिकॉर्ड दिया गया। जो जानकारी दी गई थी, वह संतोषजनक नहीं।
15 दिन में मांगी है रिपोर्ट : डॉ. आरके पृथी
सदस्य सचिव प्रदूषण बोर्ड शिमला डॉ. आरके पृथी ने कहा है कि इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। 15 दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।