उत्तराखंड सीमा पर पहुंचते ही ज्ञान गोदड़ी जत्थे के 16 सदस्य गिरफ्तार
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गुरु पर्व पर उत्तराखंड की हरकी पौड़ी हरिद्वार के लिए रवाना हुए ज्ञान गोदड़ी जत्थे को कुल्हाल में रोक लिया गया। उत्तराखंड पुलिस ने जत्थे में शामिल ऑल इंडिया सिख फेडरेशन के अध्यक्ष गुरुचरण सिंह बब्बर समेत 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। यह लोग विवादित ज्ञान गोदड़ी गुरुद्वारे के लिए रवाना हुए थे। जत्थे के उत्तराखंड प्रवेश द्वार कुल्हाल सीमा पर पहुंचते ही रोक लिया गया। बाद में निजी मुचलके पर सभी को रिहा कर दिया गया।
इससे पूर्व भी इस जत्थे को पिछले कई वर्षों में कुल्हाल पहुंचने पर रोका जाता रहा है। जत्थे में शामिल सदस्यों की गिरफ्तारी होती रही है। इस बार भी उत्तराखंड पुलिस ने पहले से सुरक्षा इंतजाम कड़े कर लिए थे। उत्तराखंड की एसपी देहात सरिता डोभाल, सीओ बीएस धोनी, कोतवाल महेश जोशी, एसओ सहसपुर नरेश राठौर, एसओ चकराता यादवेंद्र सिंह बाजवा, एसआई दीपक मैठाणी व चौकी प्रभारी कुल्हाल मुकेश कुमार नफरी के साथ मौजूद थे।
ऐसे में जत्थे के पहुंचते ही सभी सदस्यों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। साथ ही उन्हें गिरफ्तार कर एसडीएम के समक्ष पेश किया गया। जहां पर सभी को निजी मुचलके पर रिहा किया गया। उधर, उत्तराखंड विकासनगर के कोतवाल महेश जोशी ने कहा कि जबरन उत्तराखंड में घुसने से यात्रा में शामिल 16 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें एसडीएम के समक्ष पेश कर निजी मुचलके पर रिहा किया गया है।
जत्थे को रोकना गलत: बब्बर
ऑल इंडिया सिख फेडरेशन अध्यक्ष गुरुचरण सिंह बब्बर का कहना है कि उत्तराखंड सीमा पर प्रवेश से रोका जाना गलत है। लंबे अर्से से संगत को रोका जा रहा है। संगत ज्ञान गोदड़ी जाकर दर्शन कर गुरु पर्व मनाना चाहती है। जत्थे को रोकना धार्मिक भावनाओं के साथ ज्यादती है।
यह है विवाद का कारण
हरिद्वार में हर की पौड़ी के पास वर्तमान में स्काउट एंड गाइड कार्यालय है। माना जाता है कि कभी इस स्थल पर गुरु नानक देव जी आए थे। अपने प्रवचनों से अनुयायियों को इस स्थल पर उन्होंने ज्ञान दिया। इस स्थल को ज्ञान गोदड़ के नाम से पुकारा जाता है।
1974 में कुंभ पर्व से पूर्व घाट विस्तारीकरण हुआ था। इस दौरान हर की पौड़ी के पास कथित लंढ़ोरा भवन व अन्य इमारतों को गिराया गया। हरिद्वार में गुरु पर्व पर विवादित इसी कथित ज्ञान गोदड़ी स्थल को पहुंचने वाले जत्थे को रोक दिया जाता है।