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Shimla News: चेक बाउंस में दोषी को काटना होगा कारावास
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सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया फैसला
ट्रायल कोर्ट की सजा के फैसले को रखा बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट (ट्रायल कोर्ट) के दोष सिद्ध के निर्णय और सजा के आदेश को बरकरार रखा है। सत्र न्यायाधीश दविंदर कुमार ने ठियोग निवासी दोषी राजेंद्र सिंह को ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने के आदेश दिए हैं। साथ ही 27 मई को ट्रायल कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने को कहा है। 26 जून 2024 को ट्रायल कोर्ट ने दोषी को तीन महीने के कारावास और 8 लाख रुपये का मुआवजा अदा करने की सजा सुनाई थी।
यह मामला अगस्त 2020 का है। दोषी ने वित्तीय जरूरतों के चलते शिकायतकर्ता से 6 लाख रुपये उधार लिए थे। समझौते के मुताबिक दोषी ने ऋण राशि चुकाने का वादा किया था लेकिन इस राशि का भुगतान करने में विफल रहा तो देनदारी को चुकाने के लिए उसने 6 लाख की राशि का एक चेक जारी किया। लेकिन 12 जुलाई 2021 को राजेंद्र सिंह के खाते में धन अपर्याप्त होने के कारण से चेक बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस के बावजूद भी भुगतान करने में विफल रहे। इसके बाद 16 सितंबर 2021 को कर्ज न चुकाने पर शिकायतकर्ता ने अदालत के समक्ष केस दायर किया था। न्यायालय ने राजेंद्र सिंह को तीन महीने की सजा और 8 लाख का मुआवजा अदा करने की सजा सुनाई थी। इसके बाद राजेंद्र सिंह ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती थी।
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ट्रायल कोर्ट की सजा के फैसले को रखा बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट (ट्रायल कोर्ट) के दोष सिद्ध के निर्णय और सजा के आदेश को बरकरार रखा है। सत्र न्यायाधीश दविंदर कुमार ने ठियोग निवासी दोषी राजेंद्र सिंह को ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने के आदेश दिए हैं। साथ ही 27 मई को ट्रायल कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने को कहा है। 26 जून 2024 को ट्रायल कोर्ट ने दोषी को तीन महीने के कारावास और 8 लाख रुपये का मुआवजा अदा करने की सजा सुनाई थी।
यह मामला अगस्त 2020 का है। दोषी ने वित्तीय जरूरतों के चलते शिकायतकर्ता से 6 लाख रुपये उधार लिए थे। समझौते के मुताबिक दोषी ने ऋण राशि चुकाने का वादा किया था लेकिन इस राशि का भुगतान करने में विफल रहा तो देनदारी को चुकाने के लिए उसने 6 लाख की राशि का एक चेक जारी किया। लेकिन 12 जुलाई 2021 को राजेंद्र सिंह के खाते में धन अपर्याप्त होने के कारण से चेक बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस के बावजूद भी भुगतान करने में विफल रहे। इसके बाद 16 सितंबर 2021 को कर्ज न चुकाने पर शिकायतकर्ता ने अदालत के समक्ष केस दायर किया था। न्यायालय ने राजेंद्र सिंह को तीन महीने की सजा और 8 लाख का मुआवजा अदा करने की सजा सुनाई थी। इसके बाद राजेंद्र सिंह ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती थी।
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