हिमाचल की राजनीति से घटने लगी टोपियों के रंग की सियासत
हिमाचल की राजनीति में नए जयराम युग की शुरुआत होते ही टोपियों के रंग को लेकर होने वाली सियासत भी घटना शुरू हो गई है। ऐतिहासिक रिज मैदान पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत सात मंत्रियों ने बिना कोई टोपी पहने शपथ ली।
सिर्फ चार मंत्री मैरून रंग की पहाड़ी टोपी पहनकर शपथ लेने पहुंचे। हिमाचल की राजनीति में टोपियों के रंग का बहुत अधिक महत्व रहा है।
कांग्रेस सरकार में हरे रंग की टोपी सरकार के करीबी होने की पहचान मानी जाती रही है, वहीं भाजपा की पूर्व की सरकारों में मैरून रंग की टोपियों का बोलबाला रहा है।
सात मंत्रियों ने बिना कोई टोपी पहने ही ली शपथ
मुख्यमंत्री के अलावा मंत्री महेंद्र ठाकुर, वीरेंद्र कंवर, विपिन परमार, विक्रम ठाकुर, सरवीण चौधरी, अनिल शर्मा और किशन कपूर ने बिना टोपी पहने शपथ ली। मंत्रियों में सुरेश भारद्वाज और राजीव सैजल ने मैरून रंग की टोपी पहनी थी।
गोविंद ठाकुर ने कुल्लवी पट्टी वाली टोपी और रामलाल मारकंडा ने मैरून रंग की टोपी के ऊपर पीले रंग के फूल लगी टोपी पहनी।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को हिमाचल भाजपा ने जरूर मैरून रंग की टोपी पहना सम्मानित किया।
प्रधानमंत्री जिस समय कॉफी हाउस के पास रुके, उस समय भी उन्होंने मैरून रंग की टोपी पहने रखी। इसके अलावा रिज मैदान में जुटे हजारों लोगों में से अधिकांश ने मैरून रंग की टोपी पहनी थी।