हिमाचल में जीपीएस से कटेंगे पानी बिल, उपभोक्ताओं को आएगा एसएमएस
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हिमाचल में जल्द ही घरेलू और व्यावसायिक पानी मीटरों के बिल अब जीपीएस से कटेंगे। मंडी शहर में इस योजना पर काम शुरू हो गया है। यहां पानी के मीटर बदलकर माइक्रो चिप लगाई जा रही हैं। शिमला, धर्मशाला और सोलन जैसे बड़े शहरों में भी यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
पानी के मीटरों में लगाई जा रही चिप जीपीएस से लैस होगी। इसके लिए एक खास मीटर रीडिंग उपकरण तैयार किया गया है। बिलिंग के दौरान आईपीएच कर्मी जिस भी इलाके में घूमेगा, वहां जीपीएस की मदद से विशेष उपकरण में बिजली की खपत प्रत्येक मीटर उपभोक्ता के नाम से दर्ज हो जाएगी।
सॉफ्टवेयर की मदद से पानी का बिल भी तय दरों से बन जाएगा और एसएमएस या ई-मेल से उपभोक्ता तक पहुंच जाएगा। आईपीएच विभाग के ईएनसी नवीन पुरी ने कहा कि इसके लिए अलग विंग बनाया गया है। नोडल अधिकारी जगवीर वर्मा ने कहा कि इसके बेहतर परिणाम आने की उम्मीद है। मंडी में इसका काम शुरू हो चुका है।
पानी खपत की मिलेगी सटीक जानकारी
वर्तमान में पानी बिलों को मैनुअल लिया जाता है। रीडिंग नोट करके कागजों में चढ़ाई जाती है, फिर स्टाफ तय दरों के हिसाब से पानी के बिल काटता है। कर्मचारी घर-द्वार बिल पहुंचाता है। इससे न तो पानी की खपत की सटीक जानकारी मिल पाती है और न ही बिल समय पर मिलने की गारंटी होती है।
जीपीएस प्रणाली से आएगी पारदर्शिता : महेंद्र
आईपीएच मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में हर घर को नल व हर घर को जल देने का सरकार प्रयास कर रही है। पारदर्शिता को लेकर जीपीएस सिस्टम को लागू किया जा रहा है।