{"_id":"570932004f1c1bf126c810c8","slug":"govt-seized-land-of-oberoi-and-himland-group-in-solan","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियमों के उल्लंघन पर ओबराय और हिमलैंड ग्रुप की जमीन जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियमों के उल्लंघन पर ओबराय और हिमलैंड ग्रुप की जमीन जब्त
अखिलेश महाजन/अमर उजाला, सोलन
Updated Sun, 10 Apr 2016 10:26 AM IST
विज्ञापन
धारा 118 के उल्लंघन पर जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
- फोटो : डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धारा 118 के उल्लंघन पर जिला प्रशासन ने ओबराय ग्रुप के भागवंती ट्रस्ट और दिल्ली बेस्ड हिमलैंड इस्टेट की जमीन जब्त की है। भागवंती ट्रस्ट ने वर्ष 1988 में देहूंघाट मौजा में 3,762 वर्ग मीटर में वृद्धाश्रम और चैरिटेबल डिस्पेंसरी बनाने के लिए जमीन की अनुमति ली थी।
विज्ञापन
ट्रस्ट ने जमीन पर तो कब्जा रखा, लेकिन इतने साल में न तो चैरिटेबल डिस्पेंसरी बनाई और न ही वृद्धाश्रम। बद्दी के झाड़माजरी क्षेत्र में हिमलैंड इस्टेट ने भी साल 2006 में धारा 118 के तहत लोगों की सुविधा के लिए आवासीय परिसर और वाणिज्यिक परिसर बनाने के लिए 155.5 बीघा जमीन ली लेकिन काम कुछ नहीं किया।
विज्ञापन
जांच के बाद उपायुक्त राकेश कंवर ने दोनों की जमीन जब्त करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश किराएदारी एवं भू सुधार अधिनियम 1972 की अवहेलना पर दोनों जमीनों को जब्त कर सरकारी जमीन में निहित करने के आदेश पारित किए गए हैं।
विज्ञापन
बता दें कि साल 1922 में ओबराय ग्रुप अस्तित्व में आया। वर्तमान समय में यह ग्रुप भारत का दूसरा सबसे बड़ा होटल व्यवसाय संचालक के रूप में जाना जाता है। भारत सहित ओबराय ग्रुप के नेपाल, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, हंगरी और मिस्र आदि में 35 से ज्यादा होटल हैं।