अवैध निर्माण पर छोटे अफसरों, कर्मचारियों को लपेटने की तैयारी
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कसौली में हुए अवैध निर्माण पर निचले स्तर के अफसरों और कर्मियों को लपेटने की तैयारी है। मामले में बड़े अफसरों पर हाथ नहीं डाला जा रहा। फैक्ट फाइडिंग कमेटी ने टीसीपी के 12 कर्मचारी और छोटे अफसरों को शामिल किया है।
वीरवार को प्रदेश सरकार एनजीटी में अवैध निर्माण को लेकर स्टेट्स रिपोर्ट सौंपने जा रही है। एनजीटी ने 13 अवैध होटलों को तोड़ने के निर्देश दिए थे। जब अफसर और कर्मचारी मौके पर कार्रवाई करने गए तो इस बीच अवैध होटल मालिक ने सहायक टाउन प्लानर पर गोली चलाई।
सूत्र बताते हैं कसौली में गोलीकांड से कुछ समय पहले टीसीपी मुख्यालय से टाउन प्लानरों को एक इंस्ट्रक्शन जारी की जाती है।इसमें कहा गया कि टीसीपी नियमों में कार्रवाई अमल में लाई जाएं।
टीसीपी नियमों में निर्माण के दौरान 10 फीसदी तक डेबिएशन को स्वीकृति किया जा सकता है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब एनजीटी ने अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए है तो विभाग की ओर से इंस्ट्रक्शन जारी करने की क्या जरूरत पड़ी?
बताया जा रहा है कि जब अफसर मौके पर कार्रवाई कर रहे थे तो उस समय गोली चलाने वाला आरोपी भी सहायक टाउन प्लानर को इसी तरह के कागजात दिखा रहा था।
उधर, टीसीपी का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने बताया कि एनजीटी में 25 तारीख को स्टेट्स रिपोर्ट सौंपी जानी है। ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता है।