निजी विश्वविद्यालयों की मदद से सरकार की ब्रांडिंग करने की तैयारी
जयराम सरकार की ब्रांडिंग करने के लिए प्रदेश में स्थित निजी विश्वविद्यालयों से मदद ली जाएगी। कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिविलिटी (सीएसआर) के तहत निजी विश्वविद्यालयों के माध्यम से सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार को नया फार्मूला तलाश रही है।
इसके तहत अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार और कामकाज के तरीकों में भी बदलाव लाने के लिए सुझाव दिए जाएंगे। इस नई व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए शिक्षा विभाग ने सभी विभागों से मदद लेने के लिए अपेक्षित बिंदुओं का ब्योरा मांगा है।
हिमाचल में यह प्रयोग पहली बार होने जा रहा है। निजी विश्वविद्यालयों की सहभागिता बढ़ाते हुए शिक्षा विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत सभी विभागों से उनकी ओर से चलाई जा रही जनकल्याणकारी नीतियों का ब्योरा मांगा गया है।
विश्वविद्यालयों से मांगी ये जानकारी
इसके अलावा विभिन्न विभाग क्या बदलाव चाहते हैं? इसका ब्योरा भी मांगा है। विभागों से जानकारी आने के बाद शिक्षा विभाग प्रदेश में स्थित सभी निजी विश्वविद्यालयों को अलग-अलग विभागों से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध करवाएगा।
निजी विश्वविद्यालयों को जनकल्याणकारी योजनाओं को और बेहतर तरीके से किस प्रकार लागू किया जा सकता है। इसको लेकर योजना बनाने को कहा जाएगा।
विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में अफसर किस प्रकार का बदलाव चाहते हैं। इसका ब्योरा भी निजी विश्वविद्यालयों को भेजा जाएगा। निजी विवि भी अपने स्तर पर सरकार की ब्रांडिंग करने के लिए सुझाव देंगे।