उच्च न्यायालय में किसानों की पैरवी करेगी सरकार: गोविंद
पौंग बांध से सटे क्षेत्र में किसानों को खेती पर प्रतिबंध लगाने पर सरकार किसानों की पैरवी के लिए उच्च न्यायालय में पक्ष रखेगी। वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है और सरकार नहीं चाहती कि सालों से खेती कर रहे किसान रोजी रोटी के लिए मोहताज हो। उन्होंने कहा कि बर्ड सेंचुरी में बेटलैंड में खेती बाड़ी पर प्रतिबंध लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के चलते सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश के उच्च न्यायालयों को अपने अपने प्रदेशों में मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट हर तीसरे माह में बेटलैंड में खेती बाड़ी से जुड़ी सभी बातों को मॉनिटर कर रहा है। सरकार किसानों के हितों के लिए कोई बीच का रास्ता निकालने के लिए प्रयास कर रही है, ताकि जिससे सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट की भी अनुपालना हो जाए और किसानों के हितों की भी रक्षा हो। इस अवसर पर विधायक राकेश पठानिया, वन विभाग के प्रधान मुख्य अरण्यपाल अजय शर्मा, अरण्यपाल धर्मशाला डीआर कौशल, मुख्य अरण्यपाल चंबा ओपी सोलंकी, डीएफओ नूरपुर बसु कौशल, एसडीएम नूरपुर डॉ. सुरिंद्र ठाकुर भी मौजूद थे।
ग्रीन फैलिंग की अनुमति मिली तो सुधरेगी आर्थिकी
पठानकोट स्थित डिपो को नूरपुर के जसूर एचआरटीसी वर्कशॉप की जगह में स्थांतरित करने के प्रश्न पर ठाकुर परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि यह मुद्दा विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि नूरपुर के जसूर में एक आधुनिक बस अड्डे के निर्माण करवाया जाएगा तथा एचआरटीसी की आधुनिक बर्क शॉप भी निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल में तीन वन रेंज पोंटा साहिब, बिलासपुर के भराड़ी तथा कांगड़ा के नूरपुर में सिल्विक्लचर फैलिंग (वैज्ञानिक वन कटान व पुन: उतपन्न) की स्वीकृति दी है जिसके तहत नूरपुर वन रेंज में सदवा व टटल क्षेत्र के 50 जंगलों का दौरा किया ,यहाँ 1600 हैक्टेयर में सिल्विक्लचर फैलिंग का हुआ है व चल रहा है।
उन्होंने कहा कि नूरपुर में वन क्षेत्र में दौरे का उद्देश्य यह सुनिशचित करना है कि इस काम माननीय सुप्रीम कोर्ट की मंशा के अनुसार हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिल्विक्लचर फैलिंग का कार्य वन अधिकारियों की देख रेख में सही स्त्रत्त्ढंग से हो रहा है। उन्होंने कहा कि अकेले नूरपुर में ही 1600 हैक्टेयर में सिल्विक्लचर फैलिंग से 86 करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में ग्रीन फैलिंग की अनुमति मिलती है तो प्रदेश की आर्थिकी के लिए वरदान साबित होगा।