फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   governor of himachal visit to Una

अचानक दलित परिवार के घर पहुंचे राज्यपाल, जाना हालचाल

Mon, 18 Apr 2016 09:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना Updated Mon, 18 Apr 2016 09:58 AM IST
विज्ञापन
governor of himachal visit to Una
दलित परिवार से मिलते राज्यपाल आचार्य देवव्रत। - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के ऊना जिले के अपर अरनियाला गांव में रहने वाला एक दलित परिवार उस समय स्तब्ध रह गया जब रविवार दोपहर अचानक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत उनके घर पहुंच गए। राज्यपाल ने परिवार के मुखिया प्रकाश चंद सहित अन्य सदस्यों से उनके व्यवसाय, आर्थिक स्थिति और उनकी दिक्कतों की जानकारी ली।

विज्ञापन


डीसी यूनुस और एसपी अनुपम शर्मा भी उनके साथ थे। राज्यपाल ने कहा कि समाज में कोई छोटा और बड़ा नहीं होता, बल्कि सब वर्गों को मिलाकर एक समाज बनता है। समाज में भाईचारा स्थापित करने के लिए समरसता, सद्भाव और सबको मिलजुल कर रहना अति जरूरी है।
विज्ञापन


उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि अपर अरनियाला गांव में सब वर्गों के लोग आपस में मिलजुल कर रहते हैं और एक-दूसरे के सुख दुख में शामिल होकर भाईचारे को सुदृढ़ कर रहे हैं।    
विज्ञापन
विज्ञापन


नशामुक्त हिमाचल मेरा सपना : आचार्य देवव्रत
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को नशे से मुक्त करना उनका सपना है और इसे साकार करने के लिए वह प्रदेश की जनता के साथ चल रहे हैं। आचार्य देवव्रत हिमोत्कर्ष जन कल्याण परिषद के कन्या महाविद्यालय में आयोजित वार्षिक समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का युवा वर्ग नशे की जकड़ में आ रहा है।

इसे समय रहते रोकना होगा। प्रदेश के युवा राज्य का भविष्य हैं। अगर युवा नहीं बचेगा तो भविष्य कैसे बचेगा। हम जितना मर्जी विकास कर लें लेकिन युवा वर्ग को सही दिशा में नहीं लाएंगे तो हमारे सभी प्रयास निरर्थक साबित होंगे। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिले और युवाओं के लिए रोजगार के साधन उपलब्ध हैं, हम इस दिशा में काम कर रहे हैं।


जैविक कृषि और गोपालन से प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सकता है। प्रदेश कृषि के लिए पानी पर निर्भर है, ऐसे में पानी की लागत पर ध्यान देना होगा। कम से कम पानी में फसलें उगाई जा सकें, इसके लिए पालमपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed