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भावुक हुए राज्यपाल, बोले पढ़े-लिखे लोग ही मार रहे बेटियों को

Mon, 14 Mar 2016 07:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी Updated Mon, 14 Mar 2016 07:30 PM IST
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 Governor Dev vrat statement on girl child.
राज्यपाल आचार्य देवव्रत - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि पढ़े-लिखे लोग ही बेटियों को जन्म लेने से पहले मां के गर्भ में मार रहे हैं। हमारे समाज में इसकी सबसे बड़ी जिम्मेदार दहेज प्रथा है। अंतरराष्ट्रीय मंडी शिवरात्रि महोत्सव के समापन से पूर्व गांधी भवन में मेरी लाडली कार्यक्रम के तहत नाटक देखने के बाद राज्यपाल ने कहा कि अब हमें उस परंपरा को बदलना होगा, जिसमें बेटे वाले को बड़ा और बेटी वाले को छोटा समझा जाता है।

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कहा कि जो बाप अपनी बेटी किसी के बेटे को देता है, वह कभी छोटा नहीं हो सकता। प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में कन्या भ्रूण हत्या जैसा जघन्य अपराध नहीं होता। जहां पढ़े-लिखे लोग अधिक हैं और साक्षरता दर ज्यादा है, वहां बेटियों को जन्म से पूर्व ही मारा जा रहा है। बेटियां हमारी बहुत बड़ी ताकत हैं, वे राष्ट्र की पूंजी हैं।
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हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान, रंगमंडल एवं नाट्य अकादमी के कन्या भ्रूण हत्या पर आधारित नाटक को देखकर राज्यपाल भावुक हो उठे। उपायुक्त मंडी संदीप कदम द्वारा लिखित यह नाटक उनके जिला में मेरी लाडली अभियान को शुरू करने का आधार रहा है। इसमें एक गांव में कन्या पूजन को 11 कन्याएं नहीं मिलती हैं। नाटक के प्रमुख पात्र को सपने में कन्या दिखाई देती है।

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नाटक से प्रभावित हुए राज्यपाल

 Governor Dev vrat statement on girl child.
मंडी शिवरात्रि - फोटो : अमर उजाला

लक्ष्मी नाम की यह वही कन्या है, जो 12-13 साल पूर्व उसकी पत्नी के गर्भ में पलती है। बेटे की चाह में भ्रूण हत्या कर दी जाती है। नाटक में मां-बेटी का वार्तालाप दर्शकों की आंखों को नम कर देता है। इसमें बेटी कहती है कि जब घर वालों को पता चलता है कि मां पेट से है तो उसे अच्छे-अच्छे पकवान खाने को मिलते हैं। इनका स्वाद वह भी लेती है।

उसकी सांसों को महसूस करती है। सपने में उससे खेलती है। एक दिन डॉक्टर अंकल उसके हाथ-पैर और बोटी-बोटी काटकर उसकी हत्या कर देते हैं। राज्यपाल ने कहा कि इस नाटक का मंचन स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में भी किया जाना चाहिए। इससे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के संदेश को और विस्तार मिल सके। नाटक में मां की भूमिका सीमा शर्मा, पिता के रूप में अजय और बेटी के किरदार को मोनिका सरकार ने निभाया।

 

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