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दिव्यांगों की मदद को आगे आएं साधन संपन्न लोग: राज्यपाल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 06 Dec 2016 12:02 AM IST
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राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्रदेश बाल कल्याण परिषद की वार्षिक आम बैठक ली। उन्होंने परिषद की ओर से संचालित केंद्रों के सदस्यों तथा संबंधित विभागों के नियमित दौरे करने की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि औचक निरीक्षण से राज्य के विभिन्न आश्रमों में रहने वाले बच्चों का बेहतर कल्याण सुनिश्चित होगा।
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कहा कि हमें आश्रमों में बच्चों को वे सारी सुविधाएं देनी चाहिए, जो हम अपने बच्चों को देते हैं। सुझाव दिया कि मंदिर न्यासों तथा साधन संपन्न लोगों को अपने आप को परमार्थ गतिविधियों से संबद्ध करना चाहिए। वित्तीय सहायता एवं संसाधनों से संस्थानों की मदद को आगे आना चाहिए। उन्होंने परिषद से चंबा जिले के चिल्ली में अपने बालिका आश्रम के भवन का निर्माण करने को कहा। कहा कि सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूरे होने चाहिए।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि दिव्यांगों को ऐसे पाठ्यक्रमों में व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, जिनमें उनकी रुचि हो। कहा कि इन बच्चों को होटल प्रबंधन एवं अन्य पाठ्यक्रमों में व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकता है। सीएम ने मशोबरा में असहाय व्यक्तियों के लिए निर्माणाधीन भवन के निर्माण में देरी पर चिंता जताई।
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राज्य में ऐसे भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि शिशु गृहों में केवल वही व्यक्ति अथवा प्रशिक्षित अध्यापक तैनात किए जाने चाहिए, जो समर्पण भाव से बच्चों की सही देखभाल कर सकें। सरकार ने मुख्यमंत्री बाल उद्धार योजना में संशोधन कर इन बच्चों को जमा दो के बाद उच्च शिक्षा देने का खर्च वहन करने का निर्णय लिया है। आश्रम छोड़ने के बाद इन बच्चों को 20 हजार रुपये पुनर्वास अनुदान के रूप में दिए जा रहे हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि पैतृक संपत्ति एवं भूमि का इंतकाल असहाय एवं दिव्यांगों के नाम करने का विशेष प्रावधान किया गया है। राज्य बाल कल्याण परिषद की महासचिव राजकुमारी सोनी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर, प्रधान सचिव स्वास्थ्य प्रबोध सक्सेना, राज्यपाल के सचिव पुष्पेंद्र राजपूत, महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक मानसी सहाय ठाकुर, विभिन्न जिलों के उपायुक्त, विभागाध्यक्ष, सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, बाल कल्याण परिषद के सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित थे।