निजी स्कूलों में सरकारी शिक्षक ही होंगे अधीक्षक
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प्रदेश शिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों की धर्मशाला में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश सोनी ने की। बैठक में बोर्ड परीक्षाओं तथा मूल्यांकन व्यवस्थाओं को लेकर निर्णय लिए गए।
महासंघ के निवेदन पर बोर्ड ने सभी मांगों को मान लिया है। बैठक में निर्णय लिया कि भविष्य में पेपर सेटिंग के पहले वरिष्ठ अध्यापकों की कार्यशाला होगी। हिमाचल में 45 परीक्षा केंद्रों पर अधीक्षक व उपाधीक्षक के रूप में महिला शिक्षक प्रतिनियुक्त किए जाएंगे।
पेपर सेटिंग के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई। स्थल मूल्यांकन की संख्या 30 से बढ़ाकर 60 की गई, मूल्यांकन मानदेय का 90 प्रतिशत भुगतान व यात्रा भत्ते का 80 प्रतिशत भुगतान मौके पर किया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों में अधीक्षक व उपाधीक्षक सरकारी शिक्षक ही होंगे
निजी स्कूलों के परीक्षा केंद्रों में अधीक्षक व उपाधीक्षक सरकारी शिक्षक ही होंगे और नए सत्र के प्रथम व द्वितीय कक्षा की किताबें अंग्रेजी माध्यम में भी उपलब्ध होंगी। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संयुक्त सचिव पवन मिश्रा ने कहा कि यह बैठक आज तक कि सबसे सफल बैठक है, जिसमें परीक्षा प्रणाली व शिक्षक हितों के लिए त्वरित निर्णय लिए गए।
सचिव डॉ. हरीश गिज्जू, असिस्टेंट सचिव रेखा तथा प्रदेश शिक्षक महासंघ की तरफ से प्रांताध्यक्ष पवन कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगवीर चंदेल, राज्य महामंत्री विवेक सूद, अतिरिक्त महामंत्री सुधीर गौतम, सह संगठन मंत्री भीष्म सिंह, अध्यक्ष जिला ऊना सुशील मल्होत्रा, कांगड़ा से अध्यक्ष जोगिंद्र, हमीरपुर से नरेश, जिला ऊना के मंत्री नरेश शर्मा, जिला उपाध्यक्ष रवि कुमार, जिला संगठन मंत्री सुरजीत कुमार आदि उपस्थित रहे।