जानलेवा पेड़ों को लेकर सरकार का बड़ा फैसला!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी शिमला में लंबे समय से जानलेवा पेड़ों से घबराए लोगों के लिए सरकार ने राहत वाला फैसला लिया है। शहर में गिरने की कगार पर पहुंचे सैंकड़ों पेड़ों को काटने का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार ने इस मसले पर महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
शहर में खतरनाक बन चुके पेड़ों को काटने को कैबिनेट से मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे ट्री अथॉरिटी के औचित्य पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।
शहर के जंगलों के वन विभाग के पास जाने के बाद जून 2013 से लेकर खतरनाक पेड़ों को सरकार तक भेजने वाली निगम की ट्री अथॉरिटी कमेटी की बैठक नहीं पाई थी।
जिससे शहर भर के 270 पेड़ काटने की अनुमति के मामले लंबित थे। इन खतरनाक पेड़ों के गिरने के डर से पब्लिक परेशान थी।
ट्री अथॉरिटी के जिद्दी रवैए के कारण शहर में 270 पेड़ों को कटवाने के मामले लंबित पड़े हैं। अंत में सरकार ने मामले में हस्तक्षेप कर 101 पेड़ों को काटने की मंजूरी कैबिनेट से दिला दी।
इसके साथ ही ऐसे पेड़ों के काटने के मामलों को सरकार तक पहुंचाने के लिए बनी नगर निगम की ट्री अथॉरिटी कमेटी का रोल भी खत्म हो गया है।
इन आवेदनों पर शहरी डिविजन ने फील्ड सर्वे करने के बाद ही सरकार के स्तर पर वन मंत्री की अध्यक्षता में बनी सब कमेटी को मामला भेजा था।
जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। हालांकि, अभी तक सचिव शहरी विकास से वनमंडलाधिकारी शिमला को आदेश जारी नहीं हुए हैं।
शहर और इसके आसपास के स्कूलों के छठी से आठवीं तक का हर छात्र 22 से 31 अगस्त तक वन भूमि पर पौधरोपण कार्यक्रम चलाएगा।
इसमें स्कूलों के इको क्लब को पेड़ों की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वनमंडलाधिकारी शहरी रमन शर्मा ने बताया कि इसकी तैयारियां की जा रही हैं।
खतरनाक पेड़ जल्द कटेंगे : नजीम
शहरी विकास सचिव आरडी नजीम ने बताया कि खतरनाक पेड़ों को काटने को मंजूरी मिल गई है। शहर के ऐसे 100 से अधिक पेड़ काटे जाएंगे।