कुल्लू दशहरा: अस्थायी शिविर में सुरक्षित नहीं सोने-चांदी से जड़े देव रथ
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अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान ढालपुर में बने अस्थायी शिविरों में सोने और चांदी से जड़े देवी-देवताओं के देव रथ सुरक्षित नहीं है। सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच शातिरों ने देवता टकरासी नाग के अस्थायी शिविर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।
हालांकि शातिर देव रथ तक पहुंचने असफल रहे, लेकिन शिविर में रखे गैस सिलिंडर और सामान को ले उड़े। इस संबंध में देवता के कारदार ने शिविर से चोरी हुए सामान की सदर थाना कुल्लू में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
उपायुक्त कार्यालय के ठीक पीछे गेट के पास विराजमान बाह्य सराज के अधिष्ठाता देवता टकरासी नाग के अस्थायी शिविर में 22 अक्तूबर सोमवार रात करीब दो बजे देवता के अस्थायी शिविर में कारकून सोये हुए थे।
इस बीच कुछ शातिर यहां घुस गए और सिलिंडर को ले उड़े। आशंका जाहिर की जा रही है कि शातिर अस्थायी शिविर में रैकी के लिए पहुंचे थे। शातिरों ने अस्थायी शिविर में शराब का सेवन भी किया है और शराब की बोतल भी मौके से बरामद हुई है।
सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल
घटना का खुलासा सुबह करीब छह बजे हुआ। जब कारकूनों के लिए चाय बनाई जा रही थी। सिलिंडर न होने से कारदार और अन्य कारकूनों के होश उड़ गए और इसकी शिकायत सदर कुल्लू में दी गई।
टकरासी नाग के कारदार बृज लाल ने कहा कि सिलिंडर को घर से लाया गया था, लेकिन देवता के अस्थायी शिविर से इस तरह की चोरी होना हैरान करने वाला है। कहा कि उनके शिविर के पास पुलिस की भी तैनाती की गई है फिर भी शातिरों ने इस घटना को अंजाम दिया है।
कारकून श्याम लाल, संतोष कुमार, प्रकाश चंद, महेंद्र माही, कमल ठाकुर, किशन कायथ और गोविंद सिंह ने कहा कि सिलिंडर चोरी होने से देवरथों की सुरक्षा को भी खतरा हो गया है।
एएसपी कुल्लू राज कुमार चंदेल ने कहा कि देव शिविरों में सुरक्षा का कड़ा पहरा बैठाया गया है। सभी सेक्टर के पुलिस अधिकारियों को इस स्तर पर सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कुल्लू पुलिस का दावा है कि कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान सीसीटीवी और रात को गश्त से संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है, लेकिन देवता के अस्थायी शिविर में शातिरों की सक्रियता ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सुरक्षा व्यवस्था के सभी दावे हवा होते नजर आ रहे हैं।